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किसानों के हित में हो अधिनियम

Thu, 26 Feb 2015 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। अर्द्धसत्य का अर्थ बताने वाले मशहूर कलाकार पद्मश्री ओमपुरी अपने किरदारों की तरह एक बार फिर आमजन के पक्ष में ही खडे़ दिखे। मोदी सरकार के भूमि अधिग्रहण अधिनियम का पुरजोर विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि बेमकसद भूमि अधिग्रहण के नाम पर लोगों से उनकी जमीन लेना सही नहीं है। सरकारें जिस मकसद से जमीन लेती हैं, वह निर्धारित समय में पूरा नहीं हो पाता तो जमीन लेने से फायदा नहीं है। इस बारे में मैं केजरीवाल के विचारों से ही सहमत हूं। 
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बुधवार को एक समारोह के सिलसिले में इलाहाबाद आए ओमपुरी ने इलाहाबाद को भी मन से याद किया। कहा, यहां से तमाम यादें जुड़ी हैं, रिश्तेदार भी हैं सो यहां आने का कोई मौका नहीं चूकता। यह अलग तरह की सुखद अनुभूति होती है। सेंसर बोर्ड से जुड़े विवाद के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की लेकिन फिल्मों में अश्लील और आपत्तिजनक शब्दों के चलन पर चिंता जताई। आर्ट फिल्मों के न बनने के सवाल पर ओमपुरी ने कहा, ऐसा नहीं कि आर्ट फिल्में नहीं बन रहीं। यह फिल्में कल भी कम बनती थीं और आज भी यही स्थिति हैं।

अंतर यह कि आज निर्माता-निर्देशक भी आर्ट फिल्मों में आर्टिस्ट को लेने के बजाए स्टार को ज्यादा तवज्जो देते हैं। आर्ट फिल्में शास्त्रीय संगीत की तरह हैं। इन्हें पसंद करने वालों की संख्या भले ही कम हो लेकिन यह दिलों में अपनी छाप छोड़ने में माहिर हैं। थियेटर के प्रति घटते रुझान पर कहा, उत्तर भारत में थियेटर की कोई परंपरा नहीं है सो दर्शक भी कम है।
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नहीं, इसलिए भी दर्शकों को रुझान इस ओर कम हैं। थियेटर ऐसे लोगों के लिए सही है जो जीविका के लिए दूसरे काम करते हैं और शाम को थियेटर। यह स्थिति ऐसे ही चलती रहेगी।

संगम नगरी में पहली बार हो रहे अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में बृहस्पतिवार को पद्मश्री ओमपुरी को ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से नवाजा जाएगा। इसके साथ ही फिल्म महोत्सव का आगाज होगा। 28 फरवरी तक चलने वाले महोत्सव में डाक्युमेंट्री, लघु फिल्म, एनीमेशन आदि मिलाकर 30 फिल्में दिखाई जाएंगी। इसमें अफगानिस्तान, कोरिया, पोलैंड और इजराइल आदि देशों की फिल्में भी होंगी।

बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता में जेड एंड जेड मीडिया के संस्थापक हसन हैदर ने बताया कि महोत्सव से शहर को नई पहचान मिलेगी और स्वतंत्र निर्देशकों को मौका भी मिलेगा। महोत्सव की ओपनिंग फिल्म लाल बहादुर शास्त्री के जीवन पर आधारित फिल्म ‘जय जवान जय किसान’ होगी। फिल्म लेखक धीरज मिश्रा ने बताया कि इसमें आजाद पार्क, आनंद भवन समेत कई स्थल दिखेंगे। समारोह में प्रसिद्ध फिल्मकार तिग्मांशु धूलिया भी आएंगे। महोत्सव में प्रवेश के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
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