प्रयागराज। स्वास्थ्य विभाग के पूर्व कोविड-19 के नोडल प्रभारी एसीएमओ डॉ गणेश प्रसाद कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। उन्होंने अपनी जांच के लिए 2 दिन पहले नमूना दिया था। आज सुबह रिपोर्ट आई। इसके बाद उन्हें स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती करा दिया गया है। स्वरूप रानी के कोविड-19 बरसात में भर्ती हैं। वहां उनकी हालत स्थिर है। एसीएमओ के संक्रमित होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गई है। इसके पहले स्वास्थ्य विभाग में एक लैब टेक्नीशियन और सैदाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात बाबू पॉजिटिव आया था लेकिन किसी अधिकारी में यह पहली बार संक्रमण पाया गया है। एक दिन पहले निवर्तमान एसएसपी के पॉजिटिव पाए जाने पर जिला प्रशासन के अफसरों मैं भी खलबली है।
कोविड-19 के नोडल ऑफिसर डॉ ऋषि सहाय ने इसकी पुष्टि की है। डॉ गणेश प्रसाद कोरोना का संकमण वुहान से शुरू पर इसके प्रभारी बना दिए गए थे। 3 महीने तक उन्होंने लगातार कोविड-19 का कामकाज देखा था। इसके इसके बाद उन्हें जिला कोविड-19 कंट्रोल रूम का प्रभारी बना दिया गया। तब से वह कंट्रोल रूम का कामकाज देख रहे थे। कुछ दिनों पहले जब रेलवे से श्रमिक ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ तो उन्हें श्रमिकों के आने पर उनकी स्क्रीनिंग कराने उनका मेडिकल चेकअप कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह लगातार रेलवे स्टेशन पर अपनी टीम के साथ इस काम को संचालित कर रहे थे। कुछ दिनों पहले उनके भाई की ब्रेन हेमरेज होने से मौत हो चुकी है। दुखद घड़ी के बाद भी वह अपनी सेवाएं दे रहे थे ।
एसीएमओ डॉ गणेश प्रसाद ने कहा कि वह पूरे चिकित्सकीय प्रोटेक्शन के साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे थे। घर पर भी वह एक अलग कमरे में क़वारन्टीन ही रहते थे। 3 दिन पहले उनकी अचानक तबीयत खराब हुई, उन्होंने बताया कि उन्हें बुखार आया और थोड़ा सा खांसी भी आनी शुरू हो गई। आशंका बस इसकी जांच उन्होंने स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में कराई बुधवार की सुबह उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। रिपोर्ट आने के बाद उनके घर पर एंबुलेंस भेजी गई और उन्हें स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती करा दिया गया है। एसीएमओ शिवकुटी, तेलियरगंज इलाके के रहने वाले हैं। उनके पॉज़िटिव आने से यह इलाका भी हॉटस्पॉट में शामिल कर लिया गया है।
सीएमओ मेजर डॉ0 जीएस बाजपेई के मुताबिक वहां कंटेनमेंट एक्टिविटी कराई जाएगी इसके साथ ही उनके परिवार और संपर्क में आने वाले लोगों को क़वारन्टीन किया जाएगा। सबकी कोरोना जांच कराई जाएगी। एसीएमओ के संक्रमित होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गई है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक वह लगातार सीएमओ दफ्तर में आते जाते रहे हैं इससे सीएमओ दफ्तर के कर्मचारी और अधिकारी भी संक्रमण के दायरे में आ सकते हैं । फिलहाल बुधवार को सीएमओ दस्तक पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। बाहर से आने वाले वाले सभी लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है और उनका हाथ सैनिटाइज करने के बाद ही अंदर प्रवेश किए करने दिया जा रहा है। सीएमओ ने कहा कि उनके संपर्क में आने वाले सभी लोगों की सूची बनाई जा रही है और सभी लोगों इन कर जांच की जाएगी।