कांग्रेस से निष्कासित नेता जितेंद्र तिवारी।
- फोटो : प्रयागराज।
करछना विधानसभा सीट से टिकट न मिलने से नाराज युवक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव जितेंद्र तिवारी को पार्टी दफ्तर में समर्थकों के साथ घुसकर इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के चित्रों को फाड़ने के आरोप में बृहस्पतिवार को निष्कासित कर दिया गया। जिला कमेटी की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई प्रदेश कार्यालय की ओर से की गई। जितेंद्र पर जीरो रोड स्थित जिला कार्यालय में तोड़फोड़ के साथ पार्टी नेताओं के चित्रों को फाड़ने और फेंकने का आरोप है।
जीरो रोड स्थित कांग्रेस के जिला कार्यालय में दो दिन पहले युकां के प्रदेश महासचिव जितेंद्र तिवारी के गुस्से का इजहार करने के मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रदेश कमेटी की ओर से बृहस्पतिवार को कार्रवाई कर दी गई। करछना विधान सभा सीट से टिकट न मिलने से नाराज जितेंद्र पर पार्टी दफ्तर में तोड़फोड़ करने के साथ ही चुनाव प्रभारी बाजीराव खाड़े को पुतला फूंकने का भी आरोप है।
जितेंद्र ने तब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर टिकट के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाकर और भी मुश्किल बढ़ा दी थी। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने और अनुशासनहीनता करने के आरोप में जितेंद्र को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित किया गया है।
पार्टी के यमुनापार जिलाध्यक्ष अरुण तिवारी ने बताया कि कांग्रेस में टिकट बंटवारे से पहले उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ा था। इसके लिए स्क्रीनिंग कमेटी बनाई गई थी। किसी पदाधिकारी पर टिकट के लिए पैसे मांगने का आरोप झूठा है। इसलिए कि कांग्रेस अपने उम्मीदवारों से पैसे नहीं लेती, बल्कि सहयोग करती है। पार्टी नेताओं की तस्वीरें फाड़ने और तोड़फोड़ करने के मामले में जितेंद्र को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।