सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के सहायक प्रबंधक ने सरायइनायत के दलापुर निवासी सीएससी केंद्र संचालक कुलदीप कुमार यादव व प्रिंस कुमार समेेत अन्य पर साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि फर्जी तरीके से हरियाणा फरीदाबाद के गांव नचौली निवासी सुरेश नागर के सीएससी वॉलेट से 2.05 लाख रुपये का अपने वॉलेट में रिचार्ज कर चपत लगाई गई है।
सहायक प्रबंधक शैलेंद्र कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि नई दिल्ली के ओखला फेज तीन में उनका कार्यालय है। कंपनी का उद्देश्य ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकार की सेवाओं को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों तक पहुंचाना है। सेवाओं के लिए कंपनी के पास एक प्रीपेड वॉलेट होता है। इसमें जमा की गई राशि के माध्यम से सेवाओं का भुगतान किया जाता है।
15 दिसंबर को हरियाणा फरीदाबाद के गांव नचौली निवासी सुरेश नागर ने कार्यालय में बताया कि 12 दिसंबर को उनके तीन बैंक खातों से 81,300, 29,100 और 95 हजार रुपये बिना उनकी सहमति से सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के खाते में स्थानांतरित कर लिए गए। कंपनी की आंतरिक जांच में पता चला कि उक्त रुपये प्रयागराज के फूलपुर गांव चुरामन निवासी प्रिंस कुमार के प्रीपेड वॉलेट को टॉपअप करने के लिए जमा किए गए हैं। पता चला कि कि उक्त सीएससी आईडी को 24 नवंबर 2025 को जारी किया गया था। 12 दिसंबर को केंद्र के संचालन का पहला दिन था। इसमें कुल 35 लेनदेन के माध्यम से 16.13 लाख रुपये का टॉपअप किया गया।
नवंबर 2021 में हुआ था पंजीकरण
कंपनी ने आईडी में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो वह फर्जी निकला। इसके बाद आधार कार्ड में अंकित मोबाइल नंबर से संपर्क किया तो प्रिंस ने कुलदीप नाम के व्यक्ति का नाम लेकर कहा कि आईडी के लिए आवेदन किया था लेकिन अब तक आईडी नहीं मिली है। पता चला कि सरायइनायत के दलापुर निवासी कुलदीप कुमार यादव का सीएससी में आठ नवंबर 2021 को पंजीकरण हुआ था। कुलदीप ने माना कि वह दो आईडी का संचालन कर रहा है। आशंका है कि एक ही दिन में 16,13,790 रुपये का टॉपअप भी ठगी की आय हो सकता है।