इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में दर्ज पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दी है। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामले की परिस्थितियां जमानत देने योग्य हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में दर्ज पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दी है। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामले की परिस्थितियां जमानत देने योग्य हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ल की एकलपीठ ने दिया है।
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आरोपी की ओर से कहा गया कि उसे राजनीतिक रंजिश की वजह से फंसाया गया है। पीड़िता के बयानों में महत्वपूर्ण अंतर था। आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह 19 नवंबर 2025 से जेल में है। राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि पीड़िता ने आरोपी का नाम स्पष्ट रूप से लिया है।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और पाया कि एफआईआर दर्ज करने में देरी है। मेडिकल परीक्षण में बाहरी चोट नहीं मिली। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। इन परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को सशर्त जमानत दे दी।