इलाहाबाद(ब्यूरो)। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की फोन पर रसोई गैस बुकिंग की सुविधा उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। बुकिंग के दौरान गलती से ‘जीरो’ नंबर डायल हुआ तो सब्सिडी से हाथ धोना तय है। इसके बाद लगाते रहिए चक्कर और देते रहिए आवेदन। काफी मशक्कत के बाद ही सब्सिडी की सुविधा वापस मिल सकेगी।
फोन पर गैस बुकिंग के लिए नंबर मिलते ही दूसरी तरफ से कहा जाता है कि अगर आप सब्सिडी छोड़ते हैं तो किसी घर के गरीब का मुफ्त में चूल्हा जल सकेगा जबकि हकीकत यह है कि सब्सिडी छोड़ें या न छोड़ें, बीपीएल परिवारों को कनेक्शन में 1600 रुपये की छूट मिलनी तय है, जो सिक्योरिटी डिपॉजिट के तहत सिलेंडर और रेग्युलेटर पर मिलती है।
यहां तक तो ठीक है लेकिन इसके आगे की प्रक्रिया उपभोक्ताओं को मुसीबत में डाल रही है। कुछ दिनों पहले तक गैस बुकिंग के लिए फोन मिलाने पर सीधे यह जानकारी दी जाती थी कि बुकिंग के लिए कौन सा नंबर दबाना है लेकिन अब सबसे पहले यह बताया जाता है कि सब्सिडी छोड़नी है तो ‘जीरो’ नंबर डायल करें। स्मार्ट फोन का जमाना है, ऐसे में फोन की स्क्रीन पर गलती से भी ‘जीरो’ पर उंगली टच हो गई तो सब्सिडी चली जाएगी। गलती से फोन स्क्रीन पर ‘जीरो’ डायल करने वालों की कमी नहीं है। हालांकि सब्सिडी वापस पाने के लिए आवेदन देने की प्रक्रिया भी है लेकिन प्रक्रिया इतनी लंबी है कि कुछ सिलेंडरों पर तो सब्सिडी से हाथ धोना ही पड़ेगा।
इंडियन ऑयन कॉरपोरेशन के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक टीडी साबू भी मानते हैं कि अब तक जिन्होंने सब्सिडी छोड़ी, उनमें से 50 फीसदी ने गलती से ‘जीरो’ डायल कर दिया था। उनका कहना है कि जीरो नंबर डायल होने पर वितरक की ओर से उपभोक्ता को फोन करके पूछा जाता है कि वह सब्सिडी छोड़ना चाहता है या नहीं। इसके बावजूद भी उपभोक्ता की सब्सिडी चली जाती है तो अलग से आवेदन कर सकता है। आवेदन पर सब्सिडी वापस कर दी जाएगी।