गुजरात के जामनगर से चली नमक लदी मालगाड़ी बृहस्पतिवार की सुबह 11.15 बजे के आसपास जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुंची। इस दौरान मालगाड़ी के एक वैगन का दरबाजा खुला होने से प्लेटफार्म के दूसरी ओर लूप लाइन में लगे ट्रेनों में पानी भरने वाले एक के बाद एक 40 हाईड्रेंट पंप उसकी चपेट में आ गए।
प्रयागराज जंक्शन पर बृहस्पतिवार को एक बड़ा हादसा होने से टल गया। यहां नमक लदी मालगाड़ी के वैगन का एक दरबाजा खुल गया। ट्रेन जब प्लेटफार्म पर पहुंची तो उसके दूसरी ओर लगे 40 वाटर हाईड्रेंट पंप वैगन के दरबाजे की चपेट में आने से टूट गए। इस दौरान तेज आवाज आने से जंक्शन पर हड़कंप मच गया। इस आपाधापी में मालगाड़ी जंक्शन पर तीन घंटे तक खुली रही। राहत भरी बात यह रही कि दरबाजा प्लेटफार्म की साइड नहीं खुला, अन्यथा वहां उसकी चपेट में यात्री आ सकते थे।
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गुजरात के जामनगर से चली नमक लदी मालगाड़ी बृहस्पतिवार की सुबह 11.15 बजे के आसपास जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुंची। इस दौरान मालगाड़ी के एक वैगन का दरबाजा खुला होने से प्लेटफार्म के दूसरी ओर लूप लाइन में लगे ट्रेनों में पानी भरने वाले एक के बाद एक 40 हाईड्रेंट पंप उसकी चपेट में आ गए। कुछ पंप टूट गए तो कुछ बीच से टेढ़े हो गए। इस दौरान आई तेज आवाज से जंक्शन पर हड़कंप मच गया। सूचना पाकर जंक्शन पर मौजूद रेल अफसर एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
मौके पर पहुंचने के बाद मालूम पड़ा कि 40 वाटर हाईड्रेंट पंप उसकी चपेट में आ गए हैं। आनन फानन में वहां ओएचई से पावर सप्लाई रोक दी गई। हालांकि तकरीबन आधे घंटे के बाद पावर सप्लाई बहाल कर दी गई। इसके बाद क्षतिग्रस्त हुए पंपों की मरम्मत का काम शुरू हुआ। इस आपाधापी में तकरीबन तीन घंटे तक प्लेटफार्म पर ट्रेनों की आवाजाही बंद रही। बाद में दोपहर 1.45 बजे मालगाड़ी छिवकी के लिए रवाना हुई।
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‘ मालगाड़ी के एक वैगन का दरबाजा खुला हुआ था। उस वजह से 40 वाटर हाईड्रेंट पाइप क्षतिग्रस्त हो गए। इस मामले की जांच बिठा दी गई है।’ - डा. शिवम शर्मा, सीपीआरओ, एनसीआर।