बच्चे के दिल में था सुराख, इटली ले गए दंपती
बलिया जिले में वर्ष 2022 में छह दिन का एक बच्चा लावारिस हालत में पाया गया। सीडब्लूसी ने राजकीय बाल गृह शिशु भेजा, जहां जांच में बच्चे के दिल में छेद पाया गया। लंबे समय तक उसका इलाज हुआ। नवंबर 2023 में जांच हुई तो बच्चे के दिल का सुराख भर गया था। उसे सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी के माध्यम से इटली के एक दंपति ने गोद लिया और उसे लेकर इटली चले गए। इनसेट
आप भी ले सकते है गोद
जिला प्रोवेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह का कहना है कि अगर आप किसी बच्चे को गोद लेना चाहते हैं तो सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी पर आनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। एक वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चे को सौंपने के लिए विधिक अनुमति लेनी पड़ती है। होम स्टडी, मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर बच्चे को गोद लेने वालों को सौंपा जाता है। उन्होंने बताया कि एक वर्ष में 44 बच्चों को लोगों ने गोद लिया है। इसमें चार बच्चों को विदेश के लोगों ने शेष अन्य प्रदेश के लोगों ने अपनाया है।