यूनिफार्म सिविल कोड व महंगाई के मुद्दे पर केंद्र व राज्य सरकार पर जमकर बरसे संजय
यूनिफार्म सिविल कोड (यूसीसी) के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार सिर्फ राजनीति कर रही है। केंद्र की सरकार पिछले नौ वर्षों से सत्ता पर काबिज है लेकिन आज तक यूसीसी पर न तो कोई ड्राफ्ट बना है और न ही इसके कोई दस्तावेज बन सके हैं। भाजपा इस मुद्दे को लेकर सिर्फ और सिर्फ अपनी राजनीति को चमकाने की कोशिस कर रही है। भाजपा का मकसद यूसीसी को लागू करना नहीं बल्कि इस मुद्दे को लेकर देश का माहोल बदलना है। अगर सरकार को इसे लागु करना होता तो नौ वर्ष वह कहां सो रही थी। कहा कि अगर यूसीसी को लागु ही करना है तो देश के सभी धर्म, मजहब और जाति के लोगों को ध्यान में रखकर इसका ड्राफ्ट तैयार करना चाहिए।
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रदेश में भीषण बिजली संकट है। 24 घंटे बिजली के दावों की जगह 12-12 घंटे की कटौती हो रही है। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी की ओर से चलाए जा रहे बत्ती गुल अभियान के समापन के अवसर पर दो जुलाई को प्रदेश भर में लालटेन जुलूस निकाला जाएगा। उन्होंने रात के समय महंगी बिजली के प्रस्ताव का भी विरोध जताया और इसे किसी भी कीमत पर लागूू न होने देने की बात कही। कहा कि बिजली का संकट या बिजली को महंगा किसलिए और किसके फायदे के लिए हो रहा है जनता सब जानती है।
पीएम मोदी पर बोला हमला
प्रेसवार्ता के दौरान संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा प्रहार किया। कहा कि प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश में कहा है कि वह हर भ्रष्टाचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेंगे। प्रधानमंत्री को इसकी शुरुआत व्यापम घोटाला, वाटर घोटाला, 40 प्रतिशत कमीशन वाली येदुरप्पा सरकार, नारदा शारदा स्कैम, माइनिंग घोटाला से करनी चाहिए। नहीं तो फिर धर्मस्थल पर घोटाला करने वालों से इसकी शुरुआत करनी चाहिए। राम मंदिर निर्माण घोटाला और महाकाल घोटाला करने वालों पर तो कार्रवाई होनी ही चाहिए।
हाल ही में पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक को लेकर संजय ने कहा कि उनकी पार्टी ने बैठक में जाने से पहले ही सभी पार्टी से दिल्ली में लागू किए गए काले अध्यादेश के खिलाफ समर्थन मांगा था। कांग्रेस ने इसपर कोई भी चर्चा नहीं की। कांग्रेस अपना स्टैंड साफ करेगी तो आम आदमी पार्टी भी विपक्षी बैठक में शामिल होगी।
संजय ने भाजपा को भारतीय झगड़ा पार्टी कहा। कहा कि यह लोगों को आपस में लड़ाने का काम करती है। हिंदू को मुसलमान व ईसाई से, जाट को गैर जाट और मराठा को गैर मराठा से लड़वाने का काम किया जा रहा है। भाजपा ने शिक्षा, चिकित्सा, बिजली-पानी, नौकरी और किसानों के मुद्दे पर कोई भी काम नहीं किया है।