भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अजहरुद्दीन ने शुक्रवार की दोपहर चौक की जामा मस्जिद में जुमे की नमाज अदा की। इस दौरान उन्होंने खुदा की बारगाह में सजदा किया और मुल्क में अमन-चैन के लिए दुआ मांगी। मस्जिद से निकलने के बाद अजहरुद्दीन को प्रशंसकों ने घेर लिया। इस दौरान उनसे मिलने वालों की भीड़ लग गई। कई खिलाड़ी सेल्फी और आटोग्राफ लेने के लिए धक्कामुक्की करते रहे।
अजहरुद्दीन दोपहर 1.05 बजे चौक स्थित जामा मस्जिद पहुंचे। उस समय मस्जिद में खचाखच नामाजी भरे हुए थे। उन्होंने जुमे की नमाज के बाद बाहर निकलने पर रोजेदारों के बीच कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार के पांच साल के कार्यकाल में मुसलमान सबसे ज्यादा डरे रहे हैं। इस डर को निकालने के लिए अब सबको मिलकर सोचना होगा। उन्होंने कहा कि सबका साथ सबका विकास का नारा खोखला साबित हुआ है।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों का हित सुरक्षित रखने वाली कांग्रेस ही धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। इस दौरान एक युवक बल्ला लेकर पहुंचा और उसने एक गेंद खेलने की जिद की। अजहरुद्दीन खेलने की तैयारी करने लगे, लेकिन तबतक भीड़ में धक्कामुक्की शुरू होने की वजह से वह कार में सवार होकर मेजा के लिए रवाना हो गए। इस दौरान कांग्रेस के शहर अध्यक्ष नफीस अनवर, फुजैल हाशमी, हसीब अहमद, तस्लीम उद्दीन, अरशद अली अर्शी, परवेज सिद्दीकी समेत तमाम नेता उपस्थित थे।