बारिश के बाद बृहस्पतिवार को मऊआइमा कस्बा और आसपास के इलाकों में एक बार फिर जलभराव की समस्या गहरा गई है। मुख्य बाजार से लेकर गली-मोहल्लों तक सड़कों पर घुटनों तक पानी और कीचड़ जमा होने से लोगों का चलना दूभर हो गया है।
बारिश थमते ही कस्बे के मुख्य चौराहा चुनौंटा कुआं, तीन बत्ती, थाना रोड पर पानी भर गया। सड़कों पर गड्ढे दिखाई ही नहीं देने से बाइक सवार और ई-रिक्शा चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। जलभराव की सर्वाधिक समस्या मोहल्ला कोइली गढ़ी में रही, जहां पिछले एक माह से लोग अपने घरों से बाहर नही निकल पा रहे हैं।
बहराना चौराहा निवासी फहद आलम का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगता है। सड़क पर इतना कीचड़ है कि जूते-चप्पल हाथ में लेकर जाना पड़ रहा है। वहीं, दुकानदारों का कहना है कि जलभराव से उनकी दुकानों के सामने ग्राहक नहीं आ पा रहे हैं। इसका असर व्यापार पर पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचा है।
नगर पंचायत मऊआइमा की अधिशाषी अधिकारी मीनाक्षी चतुर्वेदी ने बताया कि नाले-नालियों की सफाई बराबर कराया जा रहा है। जहां नाली चोक होने की जानकारी मिलती है, तुरंत सफाई कर्मचारियों को भेज कर सफाई कराई जाती है।
बारिश से आंगनबाड़ी केंद्र बंद, बच्चों के भोजन पर संकट
बहरिया/करछना।
ग्राम पंचायत मैलहा का आंगनबाड़ी केंद्र इन दिनों बंद है। केंद्र के आसपास कीचड़ और जलभराव है। इसके चलते बच्चों को गर्म भोजन और शिक्षा नहीं मिल पा रही है। बाल विकास परियोजना अधिकारी बहरिया अवधेश सिंह ने बताया कि जलभराव की जानकारी मिली है। समस्या का समाधान कराया जाएगा। इधर, करछना में बारिश के बाद सड़कों पर गड्ढे और जलभराव हो गया है। जल निकासी की व्यवस्था न होने से रामपुर-करछना-कोहड़ार मुख्य मार्ग समेत कई संपर्क मार्ग बाधित हो गया।
बहरिया के ग्राम पंचायत मैलहा के आंगनबाड़ी केंद्र पर लटकता ताला- फोटो : Archive
बहरिया के ग्राम पंचायत मैलहा के आंगनबाड़ी केंद्र पर लटकता ताला- फोटो : Archive