इलाहाबाद। दारागंज रेलवे स्टेशन के पास शनिवार सुबह बदमाशों ने रिटायर्ड फौजी का बैग उड़ा दिया जिसमें लाइसेंसी रिवॉल्वर और कारतूस समेत कुछ और सामान थे। दारागंज थाने की पुलिस ने चोरी की रिपोर्ट लिखकर जांच शुरू की और रविवार को बैग समेत दो युवकों को दबोच लिया। बैग में रिवॉल्वर समेत सारा सामान मिल गया। पकड़े गए युवकों को पुलिस ने जिला अदालत में पेश किया जहां से उन्हें नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
अल्लापुर की बाघंबरी गद्दी के पास रहने वाले रिटायर्ड सैनिक द्वारिकानाथ राय मूल रूप से गाजीपुर के रहने वाले हैं। वह शनिवार सुबह गाजीपुर के लिए घर से निकले। बाइक से वह दारागंज रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुए जहां से वह ट्रेन में बैठते। दारागंज स्टेशन के बाहर वह पान खाने के लिए रुके। वह बाइक पर बैग रखकर पान खाने के लिए गुमटी तक गए। कुछ मिनट बाद वह बाइक के पास लौटे तो बैग नदारद था। उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से पूछा लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। फिर उन्होंने दारागंज थाने जाकर सूचना दी। बैग में लाइसेंसी रिवॉल्वर, चार कारतूस, सेना का परिचय पत्र था।
उपनिरीक्षक सिद्धनाथ तिवारी ने जांच शुरू की तो चोरों का सुराग मिल गया। रविवार दोपहर उन्होंने सिपाही अनिल मिश्रा के साथ घेराबंदी कर छोटी पुलिया के पास दो युवकों को पकड़ लिया। उनके पास पूर्व फौजी का चोरी गया बैग भी मिल गया जिसमें रिवॉल्वर और कारतूस समेत सारा सामान था। चोरी में पकड़े गए आरोपियों में भदोही के कोइरौना इलाके का नीरज वर्मा और बिहार में सीतामढ़ी जनपद का धमेंद्र पटेल है। वे दोनों यहां मजदूरी करते और सारी कमाई गांजा के नशे में उड़ा देते हैं। वे दारागंज स्टेशन के पास खंडहर में रहते थे। शनिवार सुबह वे खड़े थे तभी पूर्व फौजी की बाइक पर रखे बैग पर उनकी नजर पड़ी। बस वे बैग लेकर खंडहर में घुस गए। उन दोनों का इससे पहले कोई आपराधिक इतिहास नहीं था।