जिले में जलभराव कम होने के बाद अब मौसमी बीमारियां पांव पसार रही हैं। नगर प्रशासन की जेसीबी मशीनों से जलनिकासी का काम शुरू होने के बावजूद कई इलाकों में बदबूदार पानी से लोग बीमार हो रहे हैं।
पिछले दिनों हुई बारिश से कस्बे के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया था। इससे आम लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त बना हुआ था। नगर पंचायत प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद जलनिकासी की प्रक्रिया शुरू कराई, लेकिन राहत मिलने से पहले ही संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ गया है।
सड़े हुए पानी व मच्छरों के पनपने से हर घर में लोग बीमार पड़ रहे हैं। इलाके में मलेरिया, चिकनगुनिया जैसे मच्छरजनित बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। वहीं उल्टी-दस्त, डायरिया से कई लोग ग्रसित हैं। हरिसेनगंज के ग्रामीण इलाकों में जलभराव के बाद मरीजों की तादाद में इजाफा हुआ है।
ये करें उपाय
-जलजनित रोगों से बचने के लिए पानी को अच्छी तरह उबालकर और छानकर पिएं।
-मच्छरदानी का प्रयोग करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, कूलर, गमलों में पानी रुकने न दें।
-बासी, कटे हुए फल, खुले खाद्य पदार्थों से परहेज करें, ताजे भोजन का सेवन करें।
नालियों में ब्लीचिंग पाउडर, जला हुआ मोबिल ऑयल/केरोसिन डालें ताकि लार्वा नष्ट हो सके।
यदि समस्या है तो टीम भेज कर दवा वितरण कराया जाएगा। बुखार, उल्टी या दस्त होने पर डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें।-डॉ. अमरेश वर्मा, अधीक्षक, सीएचसी, कौड़िहार।
सीएचसी रामनगर में 300 मरीजों की हुई ओपीडी
मेजा/लेड़ियारी/करछना। रामनगर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अनुराग तिवारी ने बताया कि सोमवार को 350 मरीजों की ओपीडी की गई। इसमें 300 मरीज मौसमी बुखार से पीड़ित रहे। 50 मरीज अन्य बीमारी के थे। बुखार से पीड़ित राधा, सौम्या, सुशील, अमित, कौशल्या चार दिन से सर्दी-जुकाम के साथ बुखार से पीड़ित हैं। लेड़ियारी में जलभराव के कारण मलेरिया, टाइफाइड की बीमारी तेजी से फैल रही है। करछना में जलभराव के बाद दवा का छिड़काव न होने से परेशानी और बढ़ गई है। लोगों ने दवा छिड़काव की मांग की है, ताकि संक्रामक बीमारियो से बचाव हो सके। संवाद
जलभराव से पढ़ाई व स्वास्थ्य प्रभावित
भीरपुर। सर्वोदय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज में बारिश के बाद जलभराव की समस्या बनी हुई है। विद्यालय परिसर में पानी जमा होने से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को परेशानी हो रही है। पानी और कीचड़ के कारण बच्चों को विद्यालय आने-जाने में दिक्कत हो रही है। इससे विद्यार्थियों में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा है। शिक्षक सुधा सोनकर, सुधीर मिश्रा, निवेदिता पांडेय, धर्मेंद्र और पवन कुमार ने जल निकासी व मच्छररोधी दवा के छिड़काव की मांग की। प्रधानाचार्य डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने भी जलभराव पर चिंता जताई। प्रधानाचार्य ने अधिकारियों से जल्द जल निकासी और मच्छररोधी दवा के छिड़काव की व्यवस्था कराने की मांग की है। संवाद