भादो की बरसात जहां लोगों को गर्मी से राहत दे रही है। वहीं अपने साथ बीमारियों की सौगात भी ला रही है। मऊआइमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इन दिनों वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, डायरिया और त्वचा रोग के मरीजों की बाढ़ आ गई है।
सीएचसी में सुबह से ही पर्ची काउंटर पर लंबी कतार लग रही है। दोपहर तक डॉक्टरों के कमरों के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। बरसात में जलभराव, मच्छरों के प्रकोप और दूषित पानी के कारण संक्रामक बीमारियां तेजी से फैल रही हैं।
डॉक्टरों ने बताया कि बरसात में वायरल फीवर के केस हर साल बढ़ते हैं। इस समय रोजाना ओपीडी 300 से 350 के पार पहुंच रही है, जबकि सामान्य दिनों में 150-200 मरीज आते थे। इनमें 60 प्रतिशत मरीज वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, बुखार और पेट संबंधी बीमारियों के हैं।
तीन दिन से बुखार और बदन दर्द से परेशान हूं। दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिल रहा। चिकित्सक ने ब्लड जांच के लिए लिखा है। -राम सजीवन, नौगीरा
अपनी आठ साल की बेटी को लेकर आई थी। बेटी को चार दिन से बुखार और खांसी है। रात में बुखार तेज हो जाता है। डॉक्टर ने वायरल बताया है।-रेहाना बेगम, पूरा मियांजी
-पूरे मोहल्ले में घर-घर बुखार फैला है। सीएचसी में काफी भीड़ है। एक घंटे से लाइन में लगा हूं। मुझे भी कई दिनों से बुखार के साथ ठंड लग रही है।- मोहम्मद आरिफ, हजियाना
-2 साल के बेटे को दो दिनों से दस्त और डिहाइड्रेशन की शिकायत है। इधर-उधर की दवा से आराम नहीं मिला। पर्ची कटा कर नंबर का इंतजार कर रही हूं।-ममता देवी, शेखपुर
-बरसात में वायरल फीवर के मरीज काफी बढ़े हैं। घर के बाहर जलभराव होने व गंदगी से भी संक्रामक रोगों में इजाफा हुआ है।- डॉ. अभिमन्यु, सीएचसी प्रभारी, मऊआइमा
ये करें उपाय
-पानी हमेशा उबालकर या फिल्टर करके पिएं।
-बासी पानी, कटे फल और खुले में बिकने वाले जूस, चाट से बचें।
-घर में पानी की टंकी और मटके को ढक कर रखें।
घर के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायरों में पानी न रुके।
-सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
-पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
- हल्का, ताजा और सुपाच्य भोजन करें।
- बाहर के तले-भुने और दूषित भोजन से परहेज करें।
-हाथ धोकर ही खाना खाएं।
-बच्चों को कीचड़ और बरसात के पानी में खेलने से रोकें।
-बुखार होने पर खुद से एंटीबायोटिक या कोई दवा न लें।
-तुरंत नजदीकी सीएचसी या डॉक्टर से संपर्क करें।