शाम को आयोग के उपसचिव शिवजी मालवीय को अभ्यर्थियों से वार्ता के लिए भेजा गया। उन्होंने छात्रों को बताया कि नई भर्ती का विज्ञापन तभी जारी होगा, जब बेसिक शिक्षा विभाग से रिक्त पदों का अधियाचन मिलेगा। विभाग से अभी तक कोई अधियाचन प्राप्त नहीं हुआ है लेकिन आयोग इसके लिए प्रयास कर रहा है। उन्होंने छात्रों से 15 दिनाें का वक्त मांगा और कहा कि जल्द ही बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर फिर से अधियाचन मांगा जाएगा।
उन्होंने कहा कि विभाग के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं और जल्द ही कोई सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। वार्ता में शामिल डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षित मोर्च के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह व महामंत्री सनीश तोमर ने कहा कि छात्रों को लिखित रूप से आश्वासन दिया जाए। हालांकि, आयोग लिखित आश्वासन देने के लिए सहमत नहीं हुआ। इस पर छात्रों ने धरना जारी रखने का निर्णय लिया।
आयोग अध्यक्ष ने की बैठक
प्रतियोगी छात्रों के धरने के बीच उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई। अध्यक्ष ने कहा कि रिक्त पदों का अधियाचन मंगाने के लिए संबंधित विभाग को फिर से पत्र लिखा जाए। उन्होंने आयोग के अफसरों से कहा कि भर्ती जल्द शुरू कराने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी करें।
आयोग के गठन के बाद एक भी नई भर्ती नहीं- उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन को दो साल से अधिक समय बीत चुका है और आयोग कोई नई भर्ती शुरू नहीं कर सका है। दरअसल, नई भर्ती के लिए संबंधित विभागों ने आयोग को रिक्त पदों का अधियाचन ही नहीं भेजा है। आयोग के पास टीजीटी/पीजीटी व असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों की पुरानी भर्तियां ही हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा आयोजित की जा चुकी है और टीजीटी/पीजीटी भर्ती परीक्षा की तारीखें भी घोषित की जा चुकीं हैं।