चौथे सोमवार पर फिर
जुटेगी भक्तों की भीड़
0 शिवालयों में होंगे पूजन-अर्चन, अभिषेक, अनुष्ठान, महारुद्राभिषेक
प्रयागराज। सावन के चौथे और अंतिम सोमवार पर फिर शिवालयों में भोले के भक्तों का जमावड़ा होगा। श्रद्धालुओं के साथ कांवड़िये भी भोले का जलाभिषेक करेंगे। सावन के अंतिम सोमवार को लेकर मनकामेश्वर मंदिर, नागवासुकि और तक्षकतीर्थ सहित अनेक शिवधामों में पूजन-अर्चन, अभिषेक, अनुष्ठान के अतिरिक्त महारुद्राभिषेक के कार्यक्रम होंगे।
हरिहर गंगा आरती समिति की ओर से रामघाट पर ज्योतिर्लिंग निर्मित पिंडी पर दिन में तीन बजे महारुद्राभिषेक किया जाएगा। बैहराना स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री निंबार्क आश्रम के महंत स्वामी राधा माधव दास जी की देखरेेख में सोमवार को सुबह सात बजे रुद्राभिषेक व पूजन होगा। सर्वेश्वर महादेव फूलों से सजेंगे। बाद में शाम सात बजे से भजन संध्या भी होगी।
परंपरानुसार सीेेएमपी डिग्री कॉलेज से लेकर मेडिकल कॉलेज चौराहा तक गहरेबाजी प्रतियोगिता होगी जिसके लिए गहरेबाजों ने अपने कदमबाज घोड़ों को खिलापिला कर और मालिश करके तैयार किया है। प्रयाग गहरेबाजी संघ के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज ने पुलिस अधीक्षक यातायात को पत्र लिखकर गहरेबाजी के वक्त शाम पांच से सात बजे तक दो घंटे के लिए यातायात पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
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बाघंबरेश्वर का दुग्धाभिषेक
श्रावण शुक्ल एकादशी पर रविवार को श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में महंत नरेंद्र गिरि ने बाघंबरेश्वर महादेव का दुग्धाभिषेक किया। इक्कीस बटुकों की ओर से महाआरती उतारी गई। साथ ही महादेव का मनोहारी शृंगार भी किया गया।
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राधाकृष्ण मंदिरों में सजे झूले
प्रयागराज। रविवार को सावन की एकादशी पर इस्कॉन सहित राधा-कृष्ण के मंदिरों में झूले पड़े। मंदिरों में पांच दिनी झूला महोत्सव की शुरुआत हुई। पांचों दिन भगवान का पांच अलग-अलग तरह से शृंगार किया जाएगा। साथ ही आकर्षक झांकियां सजाई जाएंगी। दारागंज में वेणी माधव, तुलसीदास जी का बड़ा स्थान, मोरी राधा कृष्ण मंदिर, राधा मंदिर, नरसिंह मंदिर में सांगीतिक आयोजन भी हुए। भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के महानगर संयोजक तीर्थराज पांडेय ‘बच्चा भैया’ ने कहा कि प्राचीन विरासत व परंपरा को बचाने के लिए सामाजिक संगठनों और सरकार को आगे आना होगा। संरक्षण के लिए संस्कृति मंत्रालय को पत्र भी लिखा जाएगा।