आयकर की चोरी के संदेह में आयकर विभाग ने शुक्रवार को शहर के छह स्थानों पर छापेमारी की। विभाग की टीमों ने चौक क्षेत्र में महाजनी टोला में चार दुकानों पर छापेमारी की। एक दुकानदार ने माल और रसीदों को छिपाने की भी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। उधर, दरभंगा और सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित कोचिंग संदेश एकेडमी के कार्यालयों में वाराणसी से पहुंची इंवेस्टिगेशन विंग ने छापेमारी की। देर रात चली जांच के दौरान लाखों रुपये की चोरी का खुलासा होने की संभावना है। दरभंगा कालोनी में खुली कोचिंग के छात्रों ने जांच टीम पर पथराव भी किया, लेकिन पुलिस ने स्थिति संभाली और छात्रों को खदेड़ा। घटना को लेकर जार्जटाउन थाने में एकेडमी के तीनों संचालकों रवि सिंह, सुनील द्विवेदी और संतोष चौबे समेत 150 छात्रों के खिलाफ जार्जटाउन एसओ ने रिपोर्ट भी दर्ज करा दी है। इसमें सभी पर सरकारी कार्य में व्यवधान डालने, हंगामा और धक्का-मुक्की करने के आरोप हैं। चर्चा है कि संदेश एकेडमी के दिल्ली स्थित परिसर में भी जांच चल रही है।
आयकर विभाग के स्थानीय अफसरों ने सुबह महाजनी टोला स्थित सुमन ज्वैलर्स, स्वर्ण गंगा ज्वैलर्स, स्वास्तिक क्लीयर हाउस समेत एक अन्य ज्वैलर्स की दुकानों पर छापेमारी की। आयकर अफसरों के मुताबिक यह कार्रवाई सर्वे के लिए की गई। इसमें स्टॉक की जांच की जा रही है। जांच का कार्य केवल दुकानों तक सीमित है। कारोबारियों के मकानों या उनसे जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों पर कोई जांच नहीं की गई। फिलहाल, स्टॉक के मिलान में भारी गोलमाल का पता चला है। दुकानदारों का ज्यादातर कारोबार अलिखित है। दुकान में मिले करोड़ों रुपये की ज्वैलरी का दुकानदार हिसाब नहीं दे पाए। खरीद-बिक्री से जुड़े रजिस्टर, रसीद आदि में भी हेरफेर का अंदेशा जताया गया है। देर रात तक चली छापेमारी के दौरान अफसरों की टीम ने दुकानदारों पर बिना हिसाब-किताब के मिले मॉल को सरेंडर करने का दबाव बनाया। हालांकि, यह साफ नहीं हो सका कि दुकानदारों ने कितनी रकम सरेंडर की। अफसरों का कहना है कि जांच की कार्रवाई खत्म होने के बाद सरेंडर की रकम का पता चल सकेगा।
छापेमारी की खबर महाजनी टोला में आग की तरह फैली। आयकर अफसर जांच कर रहे हैं, इसकी जानकारी मिलते ही ज्यादातर दुकानों के शटर गिर गए। जिस परिसर में दुकानों में जांच चल रही थी, उनमें से एक भी खुली हुई नहीं दिखीं। दुकानदारों में डर था कि टीम उनके दुकानों तक भी पहुंच सकती है। बताते हैं कि यहां की ज्यादातर दुकानों में बिना लिखापढ़ी के दो नंबर का माल खपाया जाता है।