फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जरा सी बारिश में बिगड़ी शहर की सूरत

Sat, 09 Jun 2018 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
शुक्रवार को हुई हल्की बारिश ने शहर की सूरत बिगाड़ दी। हालांकि बादल हर जगह नहीं बरसे लेकिन सड़कों पर कीचड़-फिसलन से शहरी परेशान हुए।  लूकरगंज, निरंजन डॉट का पुल और खुल्दाबाद समेत कई इलाकों में जलभराव से घंटों दिक्कत बनी रही। जिन मोहल्लों में सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है, वहां खोदी गई पटरियों में भरा पानी खतरा बना रहा। दोपहर बाद धूप निकलने से सड़कें सूखीं तो धूल उड़ती रही।
विज्ञापन


दिन में करीब दस बजे शुरू हुई बारिश असामान्य रही। कहीं सिर्फ बौछारें पड़ीं तो कहीं झमाझम पानी बरसा। शहर उत्तरी और झूंसी इलाके सूखे ही रहे। ग्रामीण इलाकों में गंगापार लबालब हुआ लेकिन यमुनापार में कहीं-कहीं ही बादल बरसे। शहर के दक्षिणी, पश्चिमी इलाकों में दो घंटे हुई बारिश ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी। सड़कों पर कीचड़-फिसलन से राहगीरों को दिक्कत हुई।

शहर के लूकरगंज और कसारी मसारी इलाके में बारिश का पानी मुसीबत का कारण बन गया। निर्माणाधीन रेलओवर ब्रिज के बगल पिच रोड न बनने से गड्ढों वाली सड़क किसी खतरे से कम नहीं रहा। चार पहिया वाहनों के पहिए धंसे तो दोपहिया सवार फिसलते दिखे। अग्रसेन कॉलेज से मध्यान चौराहे तक जगह-जगह खतरनाक गड्ढे मुसीबत का कारण बने रहे। गड्ढों में भरा पानी परेशानी बना रहा। वहीं लूकरगंज ढाल के नीचे स्थित लाल बिहारी गर्ल्स इंटर कॉलेज और उसके सामने की सड़क पर 15 मिनट में ही डेढ़ से दो फीट तक पानी लग गया। यहां जलभराव का कारण कर्बला पुलिस चौकी के पास नाला जाम होना बताया गया। घंटों दिक्कत बनी रही।
विज्ञापन


शहर के राजरूपपुर रोड, कालिंदीपुरम, बेनीगंज, खुल्दाबाद, लीडर रोड, विवेकानंद मार्ग, रामबाग, जार्जटाउन इलाकों में जलभराव की समस्या रही। इन मोहल्लों में गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की खोदाई, सड़क चौड़ीकरण और विकास के अन्य कार्यों से हल्की बारिश में ही बड़ी परेशानी सामने आई। कई सड़कों पर दोपहर तक मिट्टी फैलने से फिसलन बनी रही। दोपहर करीब एक बजे धूप निकलने के बाद शाम तक फिर धूल के गुबार उड़ते रहे।

मई के बजाय जून के दूसरे हफ्ते में हुई सिर्फ दो घंटे की मामूली बारिश ने लोगों को बरसात के दौरान होने वाले खतरे का ट्रेलर दिखा दिया। प्रशासन और नगर निगम के अफसर नहीं चेते तो बरसात में आफत तय है। कई मोहल्लों में जलभराव होगा और निकासी के लिए पंपिंग स्टेशन अभी तक दुरुस्त नहीं किए जा सके हैं। नालों की सफाई भगवान भरोसे है। कहीं नाले चोक तो कहीं टूटे और जाम हैं। नालियां सिल्ट से पटी पड़ी हैं। सफाई के नाम पर लगी कंपनी हरी भरी सिर्फ खानापूरी कर झूठे दावे कर रही है।

शहर भर में गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से कराए जा रहे सीवरेज कार्य के लिए खोदी गई सड़कें बारिश में बड़ा खतरा बनेंगी। हर सड़क पर गहरी खोदाई के बाद पाटे गए अधिकांश गड्ढों की मिट्टी धंस रही है। शुक्रवार को कई इलाकों में इन गड्ढों के कारण राह चलना मुश्किल रहा। सीवर और पानी के कनेक्शन देने के लिए की जा रही खोदाई भी बड़ी परेशानी का कारण बनी है। कहीं मिट्टी बह रही है तो कहीं गिट्टियां उखड़ कर दुर्घटना का कारण बन रही हैं। अफसरों के निर्देश पर काम कर रही संस्थाएं लोगों को हो रही परेशानी से अनजान बने हैं।

शहर के करीब तीन सौ छोटे-बड़े नालों में शायद ही दस-पांच नालों की तल्लीझार सफाई हुई हो। दावे तो सभी नाले साफ करने के हैं, लेकिन हकीकत इससे इतर है। सच यह है कि नाला सफाई के नाम पर सिर्फ पन्नी छानी जा रही है। नालों में सिल्ट भरी है। शहर के दारागंज बक्शी बांध, पीडी टंडन रोड, लाउदर रोड, मुट्ठीगंज, लूकरगंज, कर्बला, बेनीगंज, अल्लापुर आदि इलाकों में नाला सफाई का काम आधा अधूरा है। हालांकि महापौर अभिलाषा गुप्ता और नगर आयुक्त अविनाश सिंह का हर दिन दौरा कर नाला सफाई कार्य का निरीक्षण करना कारगर होगा तो शायद मुसीबत कुछ कम हो लेकिन मौजूदा हालात भविष्य में होने वाली परेशानी का संकेत दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें