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Prayagraj News: 14 साल का इंतजार... फिर भी प्यासा सराय हरीराम

Thu, 08 Oct 2026 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
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फूलपुर के सराय हरीराम गांव में ठप पड़ी पेयजल टंकी। - फोटो : Samvad
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सरकार हर घर तक नल से पानी पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन विकासखंड प्रतापपुर के सराय हरीराम गांव में यह दावा 14 साल बाद भी हकीकत नहीं बन सका है। पेयजल योजना पर करीब 3.5 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है।
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दो बार योजना शुरू होने के बाद भी गांव के सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच सका। करीब साल भर पहले महज 10 फीसदी उपभोक्ताओं तक किसी तरह जलापूर्ति शुरू हुई थी। इससे ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी कि वर्षों पुराना संकट खत्म होगा, लेकिन 14 मई को आई आंधी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
आंधी में पंप हाउस को बिजली आपूर्ति करने वाली 11 केवी लाइन के चार खंभे और तार टूटकर गिर गए। इसके बाद पंप हाउस की बिजली आपूर्ति बंद हो गई और गांव में पेयजल की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों से लगातार शिकायत की। करीब पांच महीने की भागदौड़ के बाद 5 सितंबर को किसी तरह बिजली का तार जोड़ दिया गया, लेकिन इसके बावजूद पंप हाउस से पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।
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सराय हरीराम गांव के प्रधान विजय कुमार यादव ने बताया कि वर्ष 2012 में जल निगम ने पानी की टंकी, पंप हाउस और पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कराया था। इस परियोजना पर करीब पौने 2 करोड़ रुपये खर्च हुए लेकिन काम अधूरा रह गया। घरों तक पानी पहुंचाने के लिए नल कनेक्शन तक नहीं लगाए गए। इसके बाद वर्ष 2023 में जल जीवन मिशन के तहत करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से योजना को दोबारा शुरू कराया गया। बोरिंग और पाइपलाइन बिछाने का काम हुआ। करीब साल भर पहले कुछ हिस्सों में जलापूर्ति शुरू हुई और गांव के लगभग 10 फीसदी उपभोक्ताओं को पानी मिलने लगा था।
पांच महीने बाद जुड़ा तार, फिर भी सूखे नल
14 मई की आंधी में पंप हाउस को बिजली देने वाली लाइन के चार खंभे और तार टूट गए थे। इसके बाद से पंप हाउस बंद था। ग्रामीणों के तमाम प्रयासों के बाद करीब पांच महीने बाद 5 सितंबर को बिजली का तार तो जोड़ दिया गया, लेकिन पेयजल आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। चकिया बस्ती, दूबे का पूरा, मितईपुर, चौहान बस्ती, भारतीय बस्ती और यादव बस्ती समेत कई मोहल्लों के लोग इससे प्रभावित हैं।
पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी प्रयागराज से शिकायत की थी। डीएम ने पांच सितंबर को अधिशासी अभियंता विद्युत को मामले की जांच कर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कार्रवाई की रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने को भी कहा गया था। इसके बाद बिजली का तार तो जोड़ दिया गया, लेकिन पंप हाउस से पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई।
गांव में बिछाई गई पाइपलाइन भी कई जगह अधूरी है। सड़क और गलियों में खोदे गए गड्ढे ग्रामीणों के लिए परेशानी बने हुए हैं। ग्राम प्रधान विजय कुमार यादव, शिवम सिंह, शिव कुमार, नागेंद्र, अधिवक्ता जगदीश कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश सिंह, राजेश, विनय कुमार ने कहा कि जगह-जगह गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। जल्द पंप हाउस चालू कर जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
करीब पांच महीने पहले आई आंधी में बिजली का खंभा टूटने के बाद से गांव में पेयजल आपूर्ति ठप है। बृहस्पतिवार सुबह गांव पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया जाएगा। - नोमान अंसारी, जेई जल निगम प्रतापपुर।
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