मंझनपुर। धान की सरकारी खरीद की कीमत दो हजार रुपये प्रति क्विंटल होने और गन्ना मूल्य निर्धारित करने की मांग को लेकर शनिवार को भाकियू कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने मंझनपुर चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। करीब घंटेभर तक सड़क पर हुंकार भरते रहे कार्यकर्ताओं को डीएम, एसपी ने समझाकर शांत कराया। भाकियू ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन भी डीएम को दिया है। हफ्तेभर में सभी मांगें पूरी नहीं किए जाने पर कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
गन्ना मूल्य निर्धारित करने, धान के सरकारी खरीद की कीमत कम होने और खाद-बीज, सिंचाई के पानी की किल्लत को लेकर शनिवार को भाकियू कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। शासन-प्रशासन पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए भाकियू कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। मंझनपुर चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। इससे करीब घंटेभर तक सिराथू, करारी, भरवारी समेत सभी रास्ते पर आवागमन बाधित रहा। उधर, सड़क पर उतरकर किसानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होने की हुंकार लगाते रहे कार्यकर्ताओं से आकर जिलाधिकारी राजमणि यादव और एसपी रतनकांत पांडेय खुद मिले। उन्होंने भाकियू नेताओं को किसानों की सभी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर जल्द से जल्द समाधान कराने का भरोसा भी दिलाया है। उधर, प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें गन्ना मूल्य को बढ़ाकर निर्धारित करने, धान क्रयकेंद्रों की जिले में संख्या और खरीद मूल्य 2000 रुपये प्रति क्विंटल करने, नहरों में टेल तक पानी उपलब्ध कराने, जिले में खाद की कीमत कम करने और इसकी उपलब्धता बढ़ाने की मांग की गई। अनदेखी पर धरना-प्रदर्शन आंदोलन की चेतावनी भी कार्यकर्ताओं ने दी है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह चौहान, बच्चालाल, भैयालाल धुरिया, सूर्यपाल सिंह, देवनाथ, केदारनाथ, शिवकुमार, रामतीर्थ, मनबोधन, छेदीलाल, कंधईलाल, चंद्रकली, केवली देवी, शंकुतला देवी, सुग्गी देवी, लखनिया आदि मौजूद रहीं।