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सीएमओ को अवैध मिला डॉ. नीतू का हास्पिटल

Sun, 16 Nov 2014 05:30 AM IST
Allahabad
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मंझनपुर। अवैध रूप से चल रहे क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ छेड़ी गई अमर उजाला की मुहिम में साथ देते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को सीएमओ डॉ. राजकुमार ने मंझनपुर स्थित डॉ. नीतू के क्लीनिक में दबिश दी। सीएमओ ने बताया कि क्लीनिक का नवीनीकरण नहीं है। यानि यह अवैधरूप से संचालित है। कहा कि इस क्लीनिक के खिलाफ कार्रवाई के लिए उन्होंने डीएम को रिपोर्ट भेज दी है।
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बता दें कि कौशाम्बी में गांव-गांव झोलाछाप चिकित्सकों के क्लीनिक हैं। वहीं जिले में खुले करीब 125 निजी हास्पिटल भी अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अमर उजाला ने लगातार खबरें प्रकाशित की। इन खबरों के माध्यम से जिले के झोलाछाप डाक्टरों का सारा कच्चा चिट्ठा लोगों के सामने उजागर किया है। इन खबरों से स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी सक्रिय हुए हैं। इसीक्रम में जहां हफ्तेभर पहले डिप्टी सीएमओ ने करारी क्षेत्र में दबिश देकर तीन झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की थी। वहीं शनिवार को खुद सीएमओ डॉ. राजकुमार मिश्र ने मंझनपुर स्थित डा नीतू के क्लीनिक में छापामारी की। सीएमओ ने बताया कि शाम करीब चार बजे उन्होंने डिप्टी सीएमओ डॉ. घनश्याम द्विवेदी के साथ इस हास्पिटल का मुआयना किया। बताया कि नीतू के इस संचालित हास्पिटल में जांच के दौरान यहां कार्यरत डॉक्टरों को बुलाने के लिए मैनेजर धनेष सिंह को कहा गया। पर, घंटेभर इंतजार के बाद भी वे कोई डॉक्टर नहीं बुला सके। वहीं अस्पताल के मुआयने में गंदगी की मिली। प्रसव कक्ष में सात भर्ती मरीजों में चार मरीज जिला अस्पताल से रेफर हुए मिले थे। वहीं चिकित्सालय का रजिस्ट्रेशन के कागजात भी मैनेजर नहीं दिखा सके। इससे साफ जाहिर है कि यह हास्पिटल अवैध रूप से संचालित है। सीएमओ ने बताया कि उन्होंने कार्रवाई की संस्तुति समेत अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है। दावा किया कि हास्पिटल से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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