इलाहाबाद(ब्यूरो)। अब आश्वासन नहीं, समस्या के समाधान पर ही आंदोलन खत्म होगा। इस संकल्प के साथ कर्मचारियों और शिक्षकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्य कर्मचारी महासंघ ने 11, 12 एवं 13 नवंबर को कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी है तो कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने भी प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों और शिक्षकों से साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है। इसके लिए कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने मंडलवार सम्मेलनों की तारीख तय कर ली है। इलाहाबाद मंडल का सम्मेलन 14 नवंबर को पीडब्ल्यूडी में होगा और उसके बाद 17 दिसंबर को लखनऊ में प्रदेश व्यापी रैली का आयोजन किया जएगा।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ की सोमवार को हुई बैठक में तय हुआ कि तीन दिनी कार्य बहिष्कार में पीडब्ल्यूडी, कलक्ट्रेट, आबकारी, वन विभाग, गवर्नमेंट प्रेस, उद्योग विभाग, शिक्षा सहित तमाम विभागों के कर्मचारी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और कामकाज पूरी तरह से ठप रखेंगे। बैठक में कर्मचारी नेता नागेश्वर गिरि, कड़ेदीन यादव, राधेश्याम यादव, घनश्याम यादव, रुद्र प्रताप सिंह, मनीष द्विवेदी, अश्विनी कुमार श्रीवास्तव आदि मौैजूद रहे। कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार 13 नवंबर तक चलेगा और उसके बाद 14 से कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति का आंदोलन शुरू हो जाएगा। कर्मचारियों और शिक्षकों की तमाम मांगें अर्से से लंबित पड़ी हुई हैं। इसके लिए कई बार आंदोलन हुआ और हर बार आश्वासन पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया लेकिन इस बार कर्मचारी और शिक्षक किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं है।
कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति की प्रांतीय बैठक में निर्णय लिया गया है कि आंदोलनों को आश्वासनों के आधार पर स्थगित न किया जाए और आंदोलनों को समस्या के समाधान तक जारी रखा जाए। यह भी तय हुआ कि पहले हर मंडल में कर्मचारियों और शिक्षकों का संयुक्त रूप से सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन के बाद सभी कर्मचारी और शिक्षक संयुक्त रूप से रैली निकालकर कमिश्नर के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रेषित करेंगे और उसके बाद 17 दिसंबर को कम से कम दो लाख कर्मचारी एवं शिक्षक लखनऊ में विधानसभा के बाहर आयोजित रैली में शामिल होंगे। इलाहाबाद में समिति के संयोजक हनुमान प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि मंडलवार सम्मेलनों की तारीख तय कर ली गई है। इलाहाबाद में 14 नवंबर को मंडलीय सम्मेलन होगा, जिसमें इलाहाबाद सहित कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़ जिले कर्मचारी एवं शिक्षक शामिल होंगे। इसमें अमेठी के कर्मचारियों और शिक्षकों को भी बुलाया गया है।