इलाहाबाद। मक्का में काबा शरीफ का तवाफ (चक्कर) लगाने की ख्वाहिश रखने वालों के लिए शनिवार का दिन अहम रहा। उत्तर प्रदेश हज कमेटी की ओर से करेली स्थित रॉयल पैलेस में हज पर जाने वालों को हज के अरकान से वाकिफ कराया गया। ट्रेनिंग के बाद सभी ने साथ मिलकर रोजा खोला। अंत में मुल्क में अमनोअमान, तरक्की, खुशहाली आदि के लिए दुआएं मांगी गई।
हज कमेटी की ओर से बतौर प्रशिक्षक नियुक्त नायाब शहर काजी मौलाना मुहाजिद हुसैन रजवी ने हज पर जाने वालों को तवाफ का सही तरीका बताया। हज के लिए घर से निकलने और एहराम बांधने के अतिरिक्त इससे जुड़े हर मसले की जानकारी दी। इसी क्रम में अकीदतमंदों को मदीना और खानेकाबा की हद में दाखिल होने की फजीलत भी बताई।
हाजियों को खिताब करते हुए उन्होंने कहा, इस्लाम के पांच अहम अरकानों में से हज भी एक है जो हर मालदार और हैसियतदार मुसलमान पर फर्ज है। लोगों को हज से पहले इससे जुड़ी तमाम जानकारियां हासिल कर लेनी चाहिए ताकि उनका हज मुकम्मल हो सके। इसी के साथ हज यात्रियों को दी जाने वाली ट्रेनिंग का पहला दौर पूरा हुआ।
इस दौरान रेशमा बेगम की देखरेख में महिलाओं के लिए अलग इंतजाम किया गया था। वहीं मोहम्मद आलम के संयोजन में हुए कार्यक्रम में मौलाना वकार निजामी, मकसूद अहमद, अनीस अहमद, इजहार खान, मास्टर नसीम, छम्मन भाई ने व्यवस्था संभाली। ट्रेनिंग और इफ्तार में तकरीबन चार सौ से ज्यादा अकीदतमंदों ने मौजूदगी दर्ज कराई।
स्टेट हज कमेटी की ओर से ट्रेनिंग का दूसरा दौर दस अगस्त को दिन में दस बजे रॉयल पैलेस में ही होगा। इस दौरान किताबें भी बांटी जाएंगी। अब से पहले यह ट्रेनिंग मिर्जा गालिब रोड स्थित मदरसा दारुल उलूम, गरीब नवाज में दी जाती थी।