इलाहाबाद। हजरत शाह मुहीबउल्लाह उर्फ दादा मियां का दो दिनी उर्स बृहस्पतिवार से शुरू हुआ। पहले दिन कीडगंज स्थित पीरजादा के बाग स्थित दरगाह पर मगरिब के बाद फातिहा हुई। बाद में लंगर तकसीम किया गया। दरगाह पर जियारत के लिए सभी धर्म-संप्रदाय के लोगों के जुटने का सिलसिला रात तक जारी रहा। सज्जादानशीन मोहम्मद सैफुल्लाह ‘शाद मियां’ की देखरेख में चादरपोशी की रस्म पूरी की गई। बाबा की बारगाह पर हाजिरी लगाने के लिए दूर-दूर से अकीदतमंद आए। दरगाह को बिजली की रोशनी और फूलों से सजाया गया। दरगाह के पास मेले जैसा माहौल रहा। इस दौरान मुबीन अहमद, मोहम्मद नफीस, मोहम्मद यूसुफ, ब्रजेश केसरवानी आदि ने व्यवस्था संभाली। कीडगंज पुलिस बूथ से दरगाह को जाने वाली सड़क पर दुकानें भी लगीं। स्थानीय लोगों ने जगह-जगह स्टाल लगाकर शर्बत और बिस्कुट के साथ अन्य खाद्य पदार्थों का वितरण किया। खिलौने और गुब्बारे वालों भी बच्चों को रिझाते रहे। इसी क्रम में दूसरे दिन शुक्रवार को बहादुरगंज स्थित दायरे पर सुबह नौ बजे कुरानख्वानी, जोहर बाद महफिले समां और असर बाद कुल का फातिहा होगी।