इलाहाबाद। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद से भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह की मुलाकात और फिर मौलाना के बयान ‘मोदी के चेहरे से मुसलमानों को डर लगता है लेकिन राजनाथ सिंह, मोदी से बेहतर हैं’ से मजहबी तथा सियासी गलियारे में जारी चर्चाओं ने नया रुख अख्तियार कर लिया है। कई धर्मगुरुओं ने दो टूक कहा कि यह मौलाना का निजी बयान हो सकता है। उनकी नजर में मोदी हों या राजनाथ बराबर हैं। कहा कि मुसलमानों को भाजपा से ही परहेज है।
मदरसा अनवारुल उलूम के प्रिंसिपल और शिया धर्मगुरु मौलाना जवाद हैदर जूदी ने कहा, ‘मैं मौलाना के बयान से हरगिज सहमत नहीं हूं। मेरा मानना है कि उसे वोट दें जो मुल्क और कौम के लिए काम करने वाला हो, लोगों को बांटे नहीं, दिलों को जोड़े।’
सीरिया स्थित इस्लामिक सेंटर और करेली स्थित जामियातुल अब्बास अरबी कालेज के संस्थापक निदेशक शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे अब्बास रिज़वी कहते हैं, किसी भी धर्मगुरु को अपनी बात कहने की आजादी है लेकिन अगर मोदी बीजेपी का चेहरा हैं और यह चेहरा डरावना है तो फिर उसी बीजेपी का जिस्म क्यों नहीं डरावना होगा। शिया जामा मस्जिद चक के इमाम जुमा व जमात मौलाना सैयद हसन रजा के मुताबिक हर धर्मगुरु बयान देने के लिए आजाद है। आज मुसलमान काफी समझदार है, ऐसे में किसी अपील का कोई फर्क नहीं पड़ता है। वहीं शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सैयद कमालुद्दीन अकबर जावेद ने कहा कि मौलाना जवाद ने मोदी और राजनाथ की ऐसी तुलना की है, जैसे कहा जाए दो खराबियों में से उसे चुन लो जो कम खराब हो। ऐसे में मौलाना के बयान को फतवा नहीं माना जाना चाहिए।