इलाहाबाद (ब्यूरो)। शहर से मंगलवार रात झूंसी में अपने घर लौट रहे एमबीए के छात्र सुधांशु उपाध्याय की किसी गाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। दारागंज पुलिस से यह दुखद खबर पाकर परिवार के लोग रोते-कलपते अस्पताल पहुंच गए।
झूंसी के नैका महीन गांव में रहने वाले तारकेश्वर उपाध्याय का इकलौता बेटा सुधांशु (25) एमबीए अंतिम वर्ष का छात्र था। वह मंगलवार शाम किसी काम से शहर आया था। रात में घर लौटते समय शास्त्री पुल पर पैदल गुजर रहा था तभी उसे किसी तेज रफ्तार गाड़ी ने टक्कर मार दी। खबर पाकर पुलिस पहुंची तो सुधांशु की मौत हो चुकी थी। उसकी जेब में मिले परिचय पत्र से पुलिस को नाम-पता मालूम हुआ तो घर में खबर दी। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में हाहाकार मच गया। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिवार के लोग लगातार रो-बिलख रहे थे।
बीमारी की वजह से एसआरएन अस्पताल में भर्ती नैनी सेंट्रल जेल के एक सजायाफ्ता कैदी छेदी सिंह (55) की मौत हो गई। रायबरेली के मोहनलालगंज इलाके का छेदी सिंह हत्या का आरोपी था। उसे अदालत ने सजा सुना दी थी। उसे गंभीर बीमारी की वजह से 26 मार्च को एसआरएन अस्पताल लाया गया था जहां वह चल बसा। खबर पाकर रायबरेली से उसके बेटे दिनेश और परिवार के लोग आ गए।