फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाम से निजात को बने फ्लाईओवर, ‘अमर उजाला’ के ‘सिटी चौपाल’ का तीसरा पड़ाव रहा आजाद पार्क, तेलियरगंज

Sat, 15 Mar 2014 05:30 AM IST
Allahabad
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद। सार्थक जनसंवाद की शृंखला में ‘अमर उजाला’ की ओर से शुक्रवार को तेलियरगंज आजाद मार्केट में ‘सिटी चौपाल’ आयोजित की गई तो समाज के विभिन्न वर्ग केलोगों ने ‘अमर उजाला’ की पहल की सराहना करते हुए बेबाक तरीक से अपने मुद्दे गिनाए, समस्याएं बताईं। ‘सिटी चौपाल’ में उकेरे गए मुद्दे क्षेत्र केविकास से सीधे तौर पर जुड़े रहे, सो क्षेत्रीय निवासियों ने दो टूक कहा कि जो कोई भी उक्त मुद्दों के समाधान की बात कहेगा, उनके वोट का वही हकदार, दावेदार होगा।
विज्ञापन

प्रोफेसर लाल बहादुर वर्मा ने कहा, क्षेत्र में समस्याओं का अंबार है। मुख्य मुद्दा तो गंगा भी है, जिसके बारे में जिसके किनारे गंदगी ही गंदगी दिखती है। जनप्रतिनिधियों को आमजन की समस्याएं जानने की फुसरत नहीं। तय करें कि हमारा जनप्रतिनिधि सर्वसुलभ हो, जिसे हम अपनी समस्याएं बता सकें और उसका समाधान पा सकें। यहां विद्यार्थियों की भी संख्या ज्यादा है, सो उनके लिए स्वच्छ पेयजल, लाइब्रेरी, रीडिंग रूम जैसी सुविधाएं जरूरी हैं।
सुपरिचित गीतकार यश मालवीय ने कहा, आज मेहंदौरी की पहचान छुट्टा घूमते जानवरों और जगह-जगह फैली गंदगी से जुड़ गई है। नियमित विद्युत आपूर्ति और शुद्ध पेयजल सबसे बड़ी जरूरत है, पर्वों पर यह संकट और गहरा जाता है। तेलियरगंज में सड़क दुर्घटनाएं भी बढ़ी हैं। यहां से शहर के महत्वपूर्ण स्थानों के लिए सीधी बस सेवाएं भी नहीं हैं। दुर्भाग्यपूर्ण यह भी कि रसूलाबाद गंगाघाट के किनारे शराब धड़ल्ले से बिकती है।
विज्ञापन

वरिष्ठ सर्जन डॉ. नीरज त्रिपाठी ने सरकार के जनसुविधा केंद्र पर सवाल उठाया। कहा, यह केंद्र सिर्फ समस्याएं रिकार्ड करता है, यहां से समाधान नहीं मिलता। मेहंदौरी में कुंभ के पहले खोदी गई सड़क की मरम्मत अब तक नहीं हो सकी है इस बारे में पिछले 17 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसका नंबर 4481 है। इस बारे में डीएम से लेकर सीएम तक को ईमेल किया, पर परिणाम शून्य रहा।
वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ.राकेश चंद्रा ने कहा, टाइप थ्री आवासीय टीबी कालोनी में अरसे से खड़ंजा उखड़ा हुआ है। नगर निगम इसे पीडब्ल्यूडी और पीडब्ल्यूडी, नगर निगम के खाते में डालता है। क्षेत्र में आवारा जानवरों और बंदरों का आतंक भी है, यहां भी विभागों के बीच जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है। चौपाल में राजाराम कनौजिया, पिंटू लाला, एनएन सिंह, विजय नंदन सिंह, इकबाल खान, रामशंकर कसेरा आदि ने पेयजल संकट की समस्या बताई। बीएससी के छात्र रवि अग्रहरि ने पेयजल आपूर्ति का समय अनिश्चित होने, गंदगी की समस्याएं बताईं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें