इलाहाबाद। नूरूल्ला रोड पर रविवार को अतीक इलाहाबादी के नाम से सड़क के लोकार्पण के ठीक पहले जमकर सियासी ड्रामा हुआ। सड़क का लोकार्पण महापौर को करना था। मौके पर समारोह की तैयारी भी पूरी कर ली गई। इस बीच वहां पहुंचे नामित पार्षदों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने यह कहकर हंगामा शुरू कर दिया कि सड़क का नामकरण क्षेत्रीय सांसद और विधायक करेंगे। समारोह के लिए सजे मंच के सामने ही सपा का झंडा, बैनर लेकर नामित पार्षद, कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर बसपा कार्यकर्ता भी पहुंच गए। टकराव की आशंका के चलते कुछ देर में करेली सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और समारोह स्थगित करा दिया। नूरुल्ला रोड से सोलह मार्केट को जाने वाली सड़क का नाम अतीक इलाहाबादी मार्ग करने का फैसला पिछले दिनों निगम सदन की बैठक में हुआ। इसके लोकार्पण के लिए रविवार का दिन तय किया गया। वरिष्ठ पार्षद निजामउद्दीन ने समारोह के लिए सड़क पर पत्थर लगवाने के बाद मंच भी तैयार कराया। पार्षद राजेश कुशवाहा, नीरज गुप्ता, पूर्व पार्षद मोहम्मद आजम, नफीस अनवर आदि भी मौके पर मौजूद थे। दोपहर दो बजे महापौर अभिलाषा गुप्ता को लोकार्पण करना था लेकिन एक बजे मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के महानगर अध्यक्ष मोहम्मद तारिक आफताब के नेतृत्व में नामित पार्षद रेखा उपाध्याय, शम्स तवरेज, मोईज अख्तर, मोहम्मद गौस, मोहम्मद हारून, शकील अहमद सहित सपा कार्यकर्ता पहुंचे और मंच के सामने ही धरने पर बैठ गए। हंगामे की सूचना महापौर को भी दी गई। सपाइयों का कहना था कि उद्घाटन की सूचना सांसद, विधायक और किसी अधिकारी को नहीं दी गई। इसे लेकर जमकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ता अड़ गए कि लोकार्पण सांसद और क्षेत्रीय विधायक करेंगे। इसे लेकर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। कुछ देर में काफी संख्या में बसपा कार्यकर्ता भी पहुंच गए। लगा कि दोनों पक्षों में विवाद बढ़ जाएगा। सूचना मिलने पर करेली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। बवाल की आशंका को देखते हुए कई थानों की फोर्स के साथ सीओ और मजिस्ट्रेट भी पहुंच गए। अफसरों ने बिना अनुमति कार्यक्रम कराने पर आपत्ति जताई और मंच को हटवाकर कार्यक्रम निरस्त करा दिया। पार्षद निजामउद्दीन का कहना है कि सांसद और विधायक के इशारे पर कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न किया गया। इस तरह की हरकत करके सपा को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।