इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सुरक्षा कर्मियों के वेतन तथा नई एजेंसी की नियुक्ति को लेकर तनाव बढ़ गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शनिवार को सुबह आठ बजे नई एजेंसी के सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की घोषणा की है। इस बाबत जिला प्रशासन को पत्र भी भेजा गया है। इसके विपरीत पूर्व एजेंसी के हटने के बाद नौकरी से हाथ धोने वाले सुरक्षा कर्मियों ने नए गार्ड्स को परिसर में नहीं घुसने देने की घोषणा की है। विरोध के बाद नए गार्ड्स शुक्रवार को बाहर कर दिए। रजिस्ट्रार का घेराव भी किया। इनके समर्थन में छात्रसंघ पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में छात्र शामिल रहे। आंदोलन को मजबूत करने के लिए सुरक्षा कर्मियों ने हॉस्टलों में घूमकर छात्रों से समर्थन मांगा। ऐसे में टकराव की आशंका बन गई है। इसके मद्देनजर विश्वविद्यालय के आसपास फोर्स तैनात कर दी गई है।
फाइटिंग फोर एजेंसी का शुक्रवार को कार्यकाल समाप्त हो गया। उसने आगे काम करने से भी मना कर दिया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इसकी जगह उत्तर प्रदेश सैनिक कल्याण निगम से समझौता हुआ है। निगम ने पूर्व में तैनात सुरक्षा कर्मियों को रखने से मना कर दिया है। जबकि, इन्हें चार महीने से वेतन नहीं मिला है। दो वर्ष से पीपीएफ फंड का हिसाब भी नहीं मिला है। शुक्रवार को रजिस्ट्रार का घेराव कर रहे सुरक्षा कर्मियों का कहना था कि जब तक उनका हिसाब नहीं हो जाता, वह परिसर नहीं छोडे़ंगे। वे दोबारा तैनाती की भी मांग कर रहे थे। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया है कि 10 फरवरी तक पूरा वेतन मिल जाएगा। अन्य फंड की भी जांच का आश्वासन दिया है लेकिन सुरक्षाकर्मी इस पर नहीं माने। इसी बीच नई एजेंसी के अधिकारी और गार्ड्स पहुंचे लेकिन विरोध के बाद उन्हें वापस कर दिया गया। अब उन्हें सुबह बुलाया गया है। इसके विपरीत पुराने सुरक्षा कर्मी देर रात तक यूनियन भवन पर डटे हुए थे। सुरक्षाकर्मियों के रुख को देखते हुए इनके आमने-सामने होने की स्थिति में टकराव की भी आशंका है। इसके मद्देनजर पुलिस अफसरों की ओर से छात्र नेताओं पर इस आंदोलन से हटने के लिए दबाव बढ़ाया जा रहा है। रजिस्ट्रार प्रोफेसर बीपी सिंह का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत आउट सोर्सिंग से ही सुरक्षाकर्मी रखे जाने हैं। अब यह नई कंपनी को तय करना है कि वह इन्हें रखे या नहीं। नई एजेंसी के चयन तक निगम के हाथों परिसर की सुरक्षा होगी। टकराव की आशंका से चीफ प्रॉक्टर को अवगत करा दिया गया है। रजिस्ट्रार का घेराव करने वालों में छात्रसंघ उपाध्यक्ष विपिन सिंह, छात्र नेता राणा यशवंत प्रताप सिंह आदि छात्र शामिल रहे।