इलाहाबाद। दिल्ली में भाजपा के लिए सत्ता की राह में रोड़ा बनी आम आदमी पार्टी और उसके नेता अरविंद केजरीवाल को लेकर विश्व हिन्दू परिषद ने हमलावर रुख अपनाया है। भाजपा भले ही केजरीवाल को नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद के लिए खतरा न माने लेकिन विहिप के मुखिया अशोक सिंहल ऐसा मानते हैं। शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में उन्होेंने आरोप लगाया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और फोर्ड फाउंडेशन भारत में अपनी नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए अरविंद केजरीवाल को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सिविल सोसायटी और सिविल एक्टिविस्ट के सदस्य वर्ल्ड सोशल फोरम के अंग हैं। इस संगठन को फोर्ड फाउंडेशन आर्थिक सहायता मुहैया कराता है। सिंहल ने ऐलान किया कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो विदेशी चंदे से चल रहे संगठनों के खिलाफ जांच कराई जाएगी।
सामान्य तौर पर कांग्रेस, धर्मांतरण, राम मंदिर आंदोलन जैसे मुद्दों पर आक्रामक दिखने वाले अशोक सिंहल ने शुक्रवार को इससे इतर केवल केजरीवाल, सिविल सोसायटी, वर्ल्ड सोशल फोरम, फोर्ड फाउंडेशन, रॉक फाउंडेशन, क्लिन्टन फाउंडेशन को निशाने पर रखा। कहा, ‘केजरीवाल के सत्ता में आने के पीछे अमेरिकी संस्था फोर्ड फाउंडेशन और सीआईए का हाथ है। मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से भारत में अपनी जड़ें कमजोर होती देख अमेरिका फाउंडेशन और खुफिया एजेंसी के जरिए सिविल सोसायटी को बढ़ाने में लगा है। दावा किया कि वर्ष 2004 में मुंबई में यह संगठन वित्तीय मदद लेने वाले भारतीय एनजीओ और 90 देशों के अशासकीय प्रतिनिधियों का सम्मेलन भी करा चुका है। अब केजरीवाल के जरिए मोदी का रास्ता रोकने की कोशिशें की जा रही हैं।’ इस दौरान संगठन के महामंत्री चंपत राय, रास बिहारी, पवन श्रीवास्तव, विमल प्रकाश आदि मौजूद रहे।