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कमाई के ट्रैक में अब रेलवे के ‘रेडियो जॉकी’

Wed, 11 Dec 2013 05:41 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद। एफएम रेडियो की तर्ज पर अगर रेलवे स्टेशनों पर आपको एनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से किसी उत्पाद का प्रचार सुनाई पड़े तो चौंकिएगा नहीं। क्योंकि भारतीय रेल के इतिहास में पहली बार रेलवे अपने एनाउंसमेंट सिस्टम का इस्तेमाल अब विज्ञापनों के लिए भी करेगा। यह शुरूआत उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) इलाहाबाद करने जा रहा है। शीघ्र ही एनसीआर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों की जानकारी के साथ ही विज्ञापनों की भी गूंज ठीक उसी तरह से सुनने को मिलेगी, जिस तरीके से रेलवे का प्री रिकार्डेड सिस्टम ट्रेनों की जानकारी देता है।
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रेल प्रशासन लंबे समय से कमाई बढ़ाने के तमाम हथकंडे अपना रहा है। शायद इसी वजह से वर्ष 2013 में रेलवे ने मालभाड़े के साथ यात्री किराए में भी वृद्धि की है। देश के सभी जोनल रेलवे को भी कहा गया है कि वह अपनी कमाई बढ़ाए। इसी क्रम में एनसीआर प्रशासन ने अपनी उद्घोषणा प्रणाली से ही कमाई करने का नायाब तरीका निकाला है। इसके तहत एनसीआर प्रशासन अपने एनाउंसमेंट सिस्टम से विज्ञापन प्रसारित करेगा। यह व्यवस्था ठीक एफएम रेडियो की तर्ज पर होगी। या यूं कह ले कि जिस तरह से लोगों को रेडियो में विज्ञापन सुनने को मिलते हैं, ठीक उसी तरह से स्टेशन परिसर में भी सुनने को मिलेंगे। इतना ही नहीं इसके अंतर्गत संबंधित पार्टी चाहे तो वह अपने विज्ञापन रेलवे की उद्घोषणा प्रणाली में आने वाली आवाज में भी रिकार्ड करवा सकती है। इस सुविधा से मुसाफिरों को ठीक उसी तरह से विज्ञापन सुनने को मिलेगा, जिस तरह से ट्रेनों के बारे में रेलवे स्टेशन पर उद्घोषणा की जाती है। उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद ने प्रयोग के तौर पर इस तरह की शुरूआत झांसी मंडल के ग्वालियर और झांसी रेलवे स्टेशन पर की है। अब यही व्यवस्था एनसीआर प्रशासन इलाहाबाद जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ जंक्शन, टूंडला जंक्शन, आगरा कैंट, आगरा फोर्ट, मथुरा जंक्शन आदि रेलवे स्टेशनों पर भी करने जा रहा है।
‘इलाहाबाद मंडल में भी इसकी तैयारी शुरू हो गई है। जल्द ही मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों एनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से विज्ञापन की सुविधा शुरू हो जाएगी’ अनुमणि त्रिपाठी (सीनियर डीसीएम, इलाहाबाद मंडल)
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‘भारतीय रेल के इतिहास में यह पहली बार है कि जब एनसीआर प्रशासन ने यह तरीका अपनाया है। झांसी और ग्वालियर रेलवे स्टेशन में प्रयोग के तौर पर विज्ञापन प्रसारण का यह तरीका अभी हाल ही में शुरू किया गया है।’ रवि प्रकाश (पीआरओ, झांसी मंडल)
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