इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद वोटर लिस्ट में जेंडर रेसियो सुधरने का नाम नहीं ले रहा। समस्या सिर्फ इलाहाबाद की नहीं, बल्कि प्रदेश के तमाम जिलों की है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश हैं कि मतदाता सूची में पुरुष और महिला वोटरों में वही अनुपात होना चाहिए जो जिले की जनसंख्या में है लेकिन प्रशासन आयोग के निर्देश का अनुपालन कर पाने में अब तक नाकाम रहा है। अब आयोग के निर्देश पर आधी आबादी यानी महिलाओं को मतदाता बनाने के लिए 24 नवंबर को विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है ताकि वोटर लिस्ट में जेंडर रेसियो सुधारा जा सके। इसके लिए विभिन्न महिला डिग्री कॉलेजों में शिविर भी लगाए जाएंगे। इस दौरान उन सभी महिला वोटरों का पंजीकरण किया जाएगा, जिनकी आयु पहली जनवरी 2014 को 18 वर्ष हो रही है।
जिले में कुल 20 लाख 72 हजार 908 पुरुष और 16 लाख 72 हजार 402 महिला मतदाता हैं। यानी जेंडर रेसियो के हिसाब से प्रति एक हजार पुरुष वोटरों के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या 807 है जबकि जिले की जनसंख्या में जेंडर रेसियो की बात करें तो प्रति एक हजार पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या 902 है। पिछले कई महीनों से वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का काम चल रहा है। इस दौरान एक लाख 24 हजार 729 नए मतदाताओं से पंजीकरण फॉर्म भरवाए गए। हालांकि इनके नाम अभी वोटर लिस्ट में नहीं जोड़े गए हैं। इनमें 53 हजार 31 महिला और 69 हजार 698 पुरुष मतदाता है। नए मतदाताओं में जेंडर रेसियो की हालत और भी बदतर है। प्रति एक हजार पुरुष वोटरों के मुकाबले फॉर्म भरने वाली महिला मतदाताओं की संख्या 789 है जो वोटर लिस्ट में मौजूदा जेंडर रेसियो के मुकाबले और कम है। फिलहाल आयोग के निर्देश पर जेंडर रेसियो सुधारने के लिए प्रशासन की तरफ से रविवार को विशेष अभियान चलाया जाएगा और इसमें अधिक से अधिक महिलाओं को मतदाता बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसी कड़ी में आर्य कन्या डिग्री कॉलेज, जगत तारन डिग्री कॉलेज और हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज में महिला मतदाता मेले का आयोजन किया जाएगा। इस पर उपजिला निर्वाचन अधिकारी आरएन गुप्ता का कहना है कि परीक्षा से अभियान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसे केंद्रों में भी मतदाता पंजीकरण के लिए बीएलओ, पदाभिहित अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहेंगे।