इलाहाबाद (ब्यूरो)। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल (सीएचएसएल) परीक्षा के तीसरे फेज में फर्जीवाड़ा करने वालों ने नकल करने का तरीका बदल दिया है। इस बार परीक्षार्थी मोबाइल से नकल करने की बजाय अपने साथ ही हल प्रश्नपत्र की कॉपी लेकर केन्द्रों पर पहुंचे। केन्द्र व्यवस्थापकों की सुरक्षा को भेदते हुए परीक्षा कक्ष तक नकल करने के लिए हल सामग्री लेकर पहुंच गए। एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक जेपी गर्ग परीक्षा से पहले छात्रों के पास हल कॉपी पहुंचने की बात तो स्वीकार करते हैं लेकिन पर्चा आउट होने की बात पर स्पष्ट कुछ भी नहीं कहते। उनका कहना है कि छात्रों ने इस बार मोबाइल पर नकल की सख्ती के चलते नया तरीका अपनाया। उन्होंने बताया कि संभवत: छात्रों को परीक्षा से कुछ समय पहले हल मिल गया था। परीक्षा कक्ष में पकड़े गए नकलचियों के पास से उनकी सीरीज का हल पर्चा मिला। इससे पता चलता है कि फर्जीवाड़ा करने वालों के नेटवर्क में एसएससी और केन्द्र व्यवस्थापक भी कहीं से लिप्त हैं। सवाल उठता है कि आधे घंटे पहले छात्रों के पास हल पर्चा पहुंच रहा है तो साल्व करने वाले के पास यह पर्चा कम से कम एक घंटे पहले पहुंच गया होगा। ऐसे में प्रश्नपत्र आउट नहीं होने की बात करना कहीं से भी तर्क संगत नहीं लगता।