इलाहाबाद (ब्यूरो)। जिला विधिक साक्षरता प्राधिकरण की कवायद के तहत शनिवार को सदर तहसील में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में आम लोगों तक कानून की जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रेखा अग्निहोत्री ने कहा कि गरीबों को न्याय दिलाने की दिशा में लोक अदालतें और मध्यस्थता केंद्र अहम भूमिका निभा रहे हैं। यहां छोटे विवादोें का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के माध्यम से कराया जाता है। इससे आम आदमी फिजूल की मुकदमेबाजी और खर्च से बच जाता है। मुकदमों में लगने वाला लंबा समय भी बच जाता है। गरीबों को सुलभ और सस्ता न्याय उपलब्ध कराने की तमाम योजनाएं उपलब्ध है जिनकी जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
अपर जिला जज ने तहसीलों में कार्यरत कर्मचारियों लेखपाल आदि से भी अनुरोध किया कि वह इस कार्य में मदद करें क्योंकि आम जनता के वह सीधे संपर्क में होते हैं। तमाम मामलों में लोगों को सही सलाह देकर मुकदमे के खर्च और परेशानी से बचाया जा सकता है। इसका लाभ भी दोनों पक्षों को होता है। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रिजवान अहमद ने लोक अदालत और मीडिएशन सेंटर के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में यह एक वरदान है।
कार्यक्रम में एसडीएम सदर शत्रोहन वैश्य, तहसीलदार नंद प्रकाश मौर्य, नायब तहसीलदार और लेखपालगण के अलावा मीडिएशन सेंटर के वरिष्ठ परामर्शदाता वीके राय, अरविंद कुमार मिश्र आदि मौजूद थे।
महत्वपूर्ण है मुकदमे से पहले समझौता
जिला कचहरी स्थित मीडिएशन सेंटर के वरिष्ठ परामर्शदाता वीके राय कहते हैं मामूली विवादों को लेकर मुकदमेबाजी से बचने के लिए मीडिएशन सेंटर की भूमिका काफी अहम है। विशेष कर पारिवारिक विवादों में यह वरदान की तरह काम करता है। इसमें कोई खर्च नहीं आता है। सालों कचहरी के चक्कर भी काटने पड़ते हैं। दोनों पक्षों को बैठाकर सुलह-समझौते से विवाद निपटा दिया जाता है। इसकी विशेषता यह है कि इसमें दोनों ही पक्षों को कुछ न कुछ लाभ जरूर मिलता है।