फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समायोजन: अपने ही बुने जाल में फंसे चयनित शिक्षक

Thu, 24 Oct 2013 05:38 AM IST
Allahabad
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से चयनित शिक्षकों का समायोजन अब सरकार की ओर से नियमावली में संशोधन के बाद ही होगा। कोर्ट के चयनित शिक्षकों को विज्ञापित पदों के ही सापेक्ष समायोजित करने के आदेश के बाद चयन बोर्ड की ओर से शिक्षकों का एक विद्यालय से दूसरे में समायोजन ठप पड़ गया है। चयन बोर्ड ने प्रदेश सरकार के पास शिक्षक चयन नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा है। विधान सभा में इसकी मंजूरी के बाद ही चयनित शिक्षकों का दूसरे विद्यालय में समायोजन किया जा सकेगा।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, जिला विद्यालय निरीक्षक, संबंधित विद्यालय और चयनित शिक्षकों के आपसी गठजोड़ के कारण शिक्षकों के समायोजन की समस्या बनी हुई है। चयन बोर्ड से प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित होने के वाले शिक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के कर्मचारियों के सहयोग से नियुक्ति वाले विद्यालय से यह लिखवाने में कामयाब हो जाते हैं कि जिस पद पर अभ्यर्थी का चयन हुआ है, वह पद उनके यहां खाली नहीं है। ज्चाइनिंग से मना करने के लिए यह चयनित शिक्षक विद्यालयों के पास सिफारिश भी पहुंचाते हैं। विद्यालय में ज्वाइनिंग से मना कर दिए जाने के बाद ये चयनित शिक्षक लौटकर चयन बोर्ड पहुंचते हैं और वहां बाबुओं और अधिकारियों की मिली भगत से नए विद्यालय में समायोजन करवाने में सफल हो जाते थे।
इससे बाद में जारी होने वाले पदों की संख्या कम हो जाती थी, इससे बाद की परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ता था। कोर्ट के आदेश के बाद भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चयन बोर्ड पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इन चयनित शिक्षकों का धरना पिछले तीन दिनों से जारी है। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारी समर बहादुर सिंह का कहना है कि शासन के पास शिक्षक चयन नियमावली में संशोधन के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसके विधान सभा में मंजूरी मिलते ही समायोजन किया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें