इलाहाबाद। छात्रवृत्ति के बारे में पूछताछ करने करने सीएमपी डिग्री कॉलेज के छात्रों की बृहस्पतिवार को विकास भवन के कुछ कर्मचारियों से बहस हो गई और उसके बाद बवाल शुरू हो गया। छात्रों ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में जमकर तांडव किया। कमरा बंद कर कर्मचारियों को लात-घूसों से पीटा, सरकारी दस्तावेज फाड़कर फेंक दिए और मेज-कुर्सियां पलट दीं। पुलिस के आने से पहले सभी वहां से फरार हो गए। पिटाई से जख्मी दो कर्मचारियों को बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से एक ही हालत गंभीर बनी हुई है। मामले में कर्नलगंज थाने की पुलिस ने छात्र नेता पंकज यादव सहित 30 अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। घटना से नाराज कर्मचारी अपने विभागों में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार पर चल गए हैं।
विकास भवन के दूसरे तल पर स्थित अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में दोपहर 12 बजे छात्र नेता पंकज यादव के नेतृत्व में सीएमपी के आधा दर्जन छात्र पहुंचे और पूछने लगे कि वित्तीय वर्ष 2012-13 की छात्रवृत्ति अब तक खाते में ट्रांसफर क्यों नहीं की गई। उचित जवाब न मिलने पर कुछ छात्रों का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रोशन लाल से विवाद हो गया। वरिष्ठ सहायक मोहम्मद जफर फारुकी ने बीचबचाव कर छात्रों को वहां से जाने को कहा। उस समय छात्र वहां से निकल गए लेकिन इसके 15 मिनट बाद ही 50 से ज्यादा छात्रों ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग पर धावा बोल दिया। विभाग का दरवाजा बंद कर रोशन लाल सहित मंडलीय रिकवरी इंचार्ज राजेश पांडेय, कनिष्ठ लिपिक मकबूल अहमद और मंडल प्रभारी अशोक कुमार की पिटाई शुरू कर दी जबकि दरवाजे के बाहर खड़े छात्र विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। कुछ देर बाद दरवाजा खुला तो नजारा चौंकाने वाला था। सभी दस्तावेज इधर-उधर बिखरे पड़े थे, मेज-कुर्सियां उलटी पड़ी थीं और छात्र कर्मचारियों पर लात-घूसों की बौछार कर रहे थे। रोशन को पीटकर अधमरा करने के बाद सभी वहां से भाग निकले।
रोशन लाल और अशोक कुमार को कर्मचारी बेली अस्पताल लेकर भागे। यहां रोशन लाल की हालत गंभीर बनी हुई है। उधर, घटना से नाराज विकास भवन कर्मचारियों ने सभी विभागों पर ताले जड़ दिए और कार्य बहिष्कार पर चले गए। घटना के वक्त सीडीओ अटल कुमार राय और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विनीता मिश्रा विकास भवन में नहीं थे। दोनों अफसर मंडलीय समीक्षा बैठक में भाग लेने पहुंचे थे। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे। पुलिस और पीएसी तैनात कर गई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अराजकतत्वों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो हड़ताल पर चले जाएंगे।
विकास भवन में कर्मचारियों से हुई मारपीट की घटना के बाद कर्मचारियों ने विकास भवन कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष नरसिंह के नेतृत्व में सीडीओ को ज्ञापन सौंपकर अराजक तत्वों की गिरफ्तारी और कर्मचारियों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। साथ ही बाहरी लोगों के लिए गेट पास और आगंतुक रजिस्टर अनिवार्य किए जाने और इच्छुक कर्मचारियों को शस्त्र लाइसेंस देने की भी मांग की।
विकास भवन स्थित अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में दो सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं लेकिन दोनों खराब हैं। यही वजह रही कि तोड़फोड़ और कर्मचारियों से मारपीट करने वालों की तस्वीर सीसी टीवी कैमरे में कैद नहीं हो सकीं और पहचान न हो पाने की स्थिति में तोड़फोड़ एवं मारपीट करने वाले तमाम लोग आसानी से बच निकले।