इलाहाबाद। नैनी से दोस्त के लिए खाना लेकर पार्वती हॉस्पिटल जा रहे बीए के छात्र दिलीप त्रिपाठी को गोली मारने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। घायल छात्र के बयान पर चार लोगों पर नामजद केस लिखा गया था। चौथा आरोपी अभी फरार है। पुलिस का कहना है कि एक जमीन पर कब्जे के लिए चल रही तनातनी में यह वारदात की गई है। हालांकि वारदात में प्रयुक्त पिस्टल और गाड़ी नहीं मिली है। नैनी में संजय नगर निवासी राजेश त्रिपाठी का बेटा दिलीप त्रिपाठी इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीए का छात्र है। वह पार्वती हॉस्पिटल में भर्ती अपने दोस्त नीरज कुमार को देखने रोज जाता था। शनिवार रात वह उसके लिए घर से खाना लेकर बाइक पर जा रहा था। दिलीप जीटी जवाहर रोड पर हॉस्पिटल के निकट पहुंचा तभी उस पर हमला किया गया। उसे कई गोलियां मारकर बदमाश भाग गए। तीन गोलियां धंसने से घायल दिलीप को उठाकर एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। उसने क्राइम ब्रांच को चार हमलावरों के नाम बताए। उसने बताया कि नैनी में नई बाजार निवासी मुकेश केसरवानी, उसके भाई राजू केसरवानी, नैनी गांव के बच्चा यादव और उसके भाई सीताराम यादव ने यह वारदात की है। जार्जटाउन थाने की पुलिस ने दिलीप के पिता राजेश त्रिपाठी की तहरीर पर नामजद केस लिखा। पुलिस ने बताया कि रविवार को मुकेश केसरवानी और सगे भाइयों बच्चा यादव, सीताराम यादव को नैनी में जेल रोड से गिरफ्तार कर लिया गया। मुकेश का भाई राजू अभी पकड़ में नहीं आ सका है। वैसे पुलिस अभी दिलीप को गोली मारने में इस्तेमाल पिस्टल और सफेद रंग की स्कार्पियो नहीं बरामद कर सकी है। पुलिस का कहना है कि बरामदगी की कोशिश जारी है। दिलीप के पिता का कहना है कि एक जमीन के सिलसिले में इन लोगों से विवाद चल रहा है। उन लोगों ने दिलीप को पहले भी हत्या की धमकी दी थी।