इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस 2011 मुख्य परीक्षा का संशोधित परिणाम आखिरकार जारी कर दिया। आयोग की ओर से जारी रिजल्ट में कुल 1304 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। इससे पूर्व आयोग की ओर से चार जुलाई को घोषित परिणाम में 1316 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। नए रिजल्ट में 12 कम परीक्षार्थियों को सफल घोषित किया गया है।
लोक सेवा आयोग की ओर से इससे पूर्व चार जुलाई को घोषित परिणाम में आरक्षण प्रक्रिया में बदलाव कर दिया गया था। बदलाव के कारण दूसरे चरण में भी आरक्षण कोटे के अभ्यर्थियों की ओवर लैपिंग से बड़ी संख्या में सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थी साक्षात्कार से बाहर हो गए। प्रतियोगी छात्रों केविरोध के बाद पीसीएस मुख्य परीक्षा का परिणाम निरस्त कर दिया गया था। आयोग छात्रों के विरोध के बाद नया परिणाम जारी किया है।
लोक सेवा आयोग आयोग की ओर से पीसीएस मुख्य परीक्षा का आयोजन आठ दिसंबर 2011 से तीन जनवरी 2012 के बीच इलाहाबाद, लखनऊ और गाजियाबाद में किया गया था। आयोग के सचिव के अनुसार परीक्षा में कुल 8481 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। लोक सेवा आयोग ने कुल 389 पदों केलिए 1304 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए सफल घोषित किया गया है।
मुख्य परीक्षा केपरिणाम की घोषणा के बाद अब प्रतियोगियों के अंदर नई उम्मीद जगी है। लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक पीएन दुबे ने बताया कि आयोग शीघ्र ही साक्षात्कार की तिथियों की घोषणा करेगा। परीक्षा परिणाम आयोग की वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है। परीक्षा में शािमल अभ्यर्थाी अपने प्राप्तांक, कट ऑफ सहित अन्य जानकारी अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही जान सकेंगे।
लोक सेवा आयोग की ओर से पीसीएस मेंस- 2011 के संशोधित परिणाम में इस बार चार जुलाई को घोषित परिणाम की अपेक्षा 12 परीक्षार्थी कम सफल हुए हैं। प्रतियोगी छात्रों का दावा है कि ओवर लैपिंग व्यवस्था खत्म होने के बाद इस बार 170 आरक्षित कोटे के अभ्यर्थी चयन से बाहर हो गए हैं, इतने अभ्यर्थियों के बाहर हो जाने के बाद 158 नए सामान्य कोटे के अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल हो गए हैं।
प्रतियोगी छात्रों ने आयोग की ओर से संशोधित परिणाम जारी करने केबाद खुशी मनाई है। छात्रों का कहना है कि आयोग की मनमानी के कारण उन्हें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा। प्रतियोगी छात्रों ने आयोग से 27 मई के बाद हुए सभी साक्षात्कार निरस्त कर नए तरीकेसे मेरिट जारी कर साक्षात्कार कराए जाने की मांग की है।
लोक सेवा आयोग की ओर से बदले रिजल्ट की घोषणा के बाद देर रात तक परीक्षार्थी आयोग की वेबसाइट पर अपना रोल नंबर खोजते रहे। प्रतियोगी छात्रों का दावा है कि आयोग के खिलाफ आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सफल हुए हैं। परिणाम की घोषणा के बाद छात्रावासों और डेलीगेसी में जश्न का माहौल रहा।
लोक सेवा आयोग आयोग की ओर से आरक्षण प्रक्रिया में बदलाव का आदेश वापस लेने के बाद निरस्त प्रवक्ता इतिहास और प्रवक्ता बीएड का संशोधित परिणाम भी जारी कर दिया है। परीक्षा परिणाम आयोग की वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है।