इलाहाबाद। मेरठ और दिल्ली की अदालतों में पेशी के बाद वापस नैनी सेंट्रल जेल लाते समय कैदी गौरव सिरोही टुंडला के पास हथकड़ी समेत ट्रेन से कूदकर भाग निकला। सिपाहियों ने रात में उसकी खोजबीन की, फिर दूसरी ट्रेन से शुक्रवार सुबह इलाहाबाद में सूबेदारगंज स्टेशन के पास पहुंचकर फोन से कंट्रोल रूम में बदमाश के फरार होने की खबर दी। पुलिस ने सिपाहियों के साथ धूमनगंज इलाके में नाकाबंदी कर बदमाश की तलाश शुरू की तभी पता चला कि वह गाजियाबाद में पकड़ लिया गया है। अब तक बदमाश की फरारी के बारे में गुमराह कर रहे सिपाहियों को उसके पकड़े जाने की जानकारी मिली तो अफसरों को सच्चाई बता दी। प्रतिसार निरीक्षक की ओर से सिपाहियों और फरार होने वाले बदमाश के खिलाफ कर्नलगंज थाने में मुकदमा लिखा गया। हवलदार और दोनों सिपाही फिलहाल पुलिस की हिरासत में हैं।
बदमाश गौरव सिरोही मेरठ में कंकरखेड़ा इलाके के तुलसी कॉलोनी का रहने वाला है। उसके खिलाफ मेरठ और दिल्ली समेत कई जिलों में संगीन वारदातों के मुकदमे दर्ज हैं। उसे एक माह पहले नैनी सेंट्रल जेल लाया गया था। गौरव की सात जुलाई को दिल्ली और आठ को मेरठ की अदालत में पेशी थी। छह जुलाई को इलाहाबाद पुलिस लाइन से हेडकांस्टेबल विजय बहादुर सिंह और दो सिपाही मृत्युंजय यादव तथा कौशलेश पांडेय उसे ट्रेन से पेशी पर लेकर रवाना हुए थे। उसे बुधवार को दिल्ली फिर बृहस्पतिवार को मेरठ की अदालत में पेश किया गया। बृहस्पतिवार रात पुलिसकर्मी कैदी गौरव को लेकर ट्रेन से इलाहाबाद के लिए रवाना हुए। सुबह करीब आठ बजे हेडकांस्टेबल विजय बहादुर ने फोन से कंट्रोल रूम में खबर दी कि कैदी गौरव सिरोही ब्रहमपुत्र मेल से हथकड़ी समेत कूदकर भाग गया है। यह खबर मिलते ही आरआई ओमप्रकाश वर्मा समेत धूमनगंज और कैंट पुलिस वहां पहुंच गई। सिपाहियों को साथ लेकर पुलिस ने फरार कैदी की तलाश शुरू की। दो-तीन घंटे तक पुलिस इधर-उधर भागती रही, फिर जानकारी मिली कि गौरव को गाजियाबाद में पुलिस ने पकड़ लिया है। इस बारे में पता चला तो तीनों सिपाहियों ने सच्चाई उगल दी।
आरआई ओमप्रकाश के मुताबिक, सिपाहियों ने बताया कि वे मेरठ की अदालत में पेशी के बाद बृहस्पतिवार शाम गौरव के साथ पैसेंजर ट्रेन से दिल्ली चले गए। वहां से स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस की एक स्लीपर बोगी में चढ़ गए। रात करीब 12.30 बजे ट्रेन टुंडला स्टेशन के आउटर पर रुकी तभी गौरव ने टायलेट जाने की अनुमति मांगी। टायलेट से निकल वह गेट के पास बेसिन पर हाथ धोने लगा। सिपाहियों ने हथकड़ी छोड़ दी थी। तभी गौरव गेट से बाहर कूद गया। तीनों सिपाही भी उसके पीछे गेट से कूदे लेकिन अंधेरे में उसे दबोचने में नाकाम रहे। दो-तीन घंटे खोजबीन के बाद तीनों पुलिसकर्मी ब्रहमपुत्र मेल से इलाहाबाद आए और अपने बचाव में कहानी गढ़कर गलत सूचना दी। आरआई की अर्जी पर कर्नलगंज थाने में केस लिखा गया है। पुलिसकर्मियों को थाने में बैठाया गया है। आरआई ने उन तीनों की रिपोर्ट भी कार्रवाई के लिए एसएसपी को सौंप दी है। इंस्पेक्टर कर्नलगंज एमएस देव ने बताया कि क्राइम नंबर निल पर केस लिखकर विवेचना टुंडला पुलिस को भेजी जा रही है।