इलाहाबाद। लोक सेवा आयोग के आरक्षण नियमों में बदलाव को लेकर शहर में बवाल करने वाले उपद्रवी छात्रों की पहचान का काम तेज हो गया है। बुधवार को पुलिस ने तोड़फोड़ और पथराव करने वाले 42 छात्रों की पहचान कर ली। वीडियोग्राफी, फोटो और अखबार में छपी तस्वीरों के आधार पर पुलिस छात्रों की शिनाख्त कर रही है। इसके लिए दूसरे छात्रों की मदद भी ली जा रही है। बुधवार को सिविल लाइंस पुलिस और एलआईयू के दरोगाओं ने शहर के कई हॉस्टलों और लॉजों में जाकर उपद्रव करने वालों के बारे में पूछताछ की।
लोक सेवा आयोग चौराहे पर विरोध प्रदर्शन के बाद सैकड़ों छात्रों ने सिविल लाइंस में जमकर तांडव मचाया था। वाहनों पर पथराव, तोड़फोड़ और बवाल करने वाले ढाई हजार से अधिक अज्ञात छात्रों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है। मंगलवार को पुलिस टीमों ने लंबी जद्दोजहद कर 20 छात्रों की पहचान कर ली थी। बुधवार को पुलिस ने वीडियो फुटेज और अखबार में छपी फोटो केआधार पर हॉस्टलों, लॉजों और शहर के विभिन्न मोहल्लों में किराए के कमरों में रहने वाले छात्रों से पूछताछ की। जांच में पुलिस को सफलता मिली और 22 और छात्रों की पहचान हो गई। पुलिस का दावा है कि उसके पास 42 ऐसे छात्रों के नाम हैं, जो बवाल में शामिल थे। अब पुलिस को उन छात्रों की तलाश है। उनके पकड़ में आने पर अन्य उपद्रवी छात्रों का पता भी चल जाएगा। आईजी आलोक शर्मा और एसएसपी मोहित अग्रवाल ने बुधवार को इस मामले पर पुलिस टीमों से जानकारी जुटाई। पहचान और कार्रवाई के लिए पुलिस के साथ एलआईयू को भी लगा दिया गया है। आईजी आलोक शर्मा के मुताबिक, शहर का माहौल बिगाड़ने वाले उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। बवाल करने वाले आरोपी बच नहीं पाएंगे। तेजी से पहचान हो रही है। अब गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई जाएगी। मामले में सिविल लाइंस थाने में ढाई हजार छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। बवाल करने वालों पर 147, 342, 186, 427, 3/4 सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की धाराएं भी लगाई गई थीं। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ने बताया कि बुधवार तक 42 उपद्रवियों को चिह्नित कर लिया गया है। तमाम लोगों ने थाने आकर बवाल करने वाले लड़कों की शिनाख्त की। एलआईयू को भी जानकारी जुटाने के लिए लगाया गया है। जिन लड़कों की शिनाख्त हुई है, उनकी तलाश में दबिश शुरू हो गई है। जल्द ही आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।