इलाहाबाद। नगर निगम सदन की बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक में हंगामा तय है। सर्वदलीय पार्षद जनमंच ने साफ कर दिया है कि सदन में बजट पर चर्चा के पहले शहर में ध्वस्त सफाई व्यवस्था पर आवश्यक निर्णय न लिया गया तो सदन के भीतर ही अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। जनमंच की बुधवार को नगर निगम में हुई बैठक में महापौर पर गंभीर आरोप भी लगाए गए।
बैठक में कहा गया कि सदन में सफाई के मुद्दे पर बहस कराने की मांग पूर्व में ही की जा चुकी है। इसके लिए महापौर को 20 पार्षदों के हस्ताक्षर वाला पत्र भी सौंपा गया है। इसके साथ महापौर से जनहित के मुद्दों पर भी सदन में चर्चा कराने की मांग की गई है। निर्णय लिया गया कि सफाई जैसे अहम मुद्दे पर सदन में सबसे पहले चर्चा न हुई तो वहां धरना होगा। पार्षदों ने कहा कि निगम प्रशासन ने बैकलॉग के तहत भर्ती किए गए सफाई कर्मचारियों को क्षेत्र से हटाकर अतिक्रमण दस्ते में लगा दिया। इसकी वजह से शहर के बड़े हिस्से में सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। महापौर अभिलाषा गुप्ता से इस संबंध में कई बार कहा गया लेकिन उन्होंने इस मामले को कभी भी गंभीरता से नहीं लिया। इन सफाई कर्मियों को वापस मूल काम में लगाने के लिए उन्होंने अधिकारियों को आज तक निर्देश नहीं दिया।
गृहकर में छूट के मुद्दे पर पर भी महापौर ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। आरोप लगाया कि महापौर मोहल्लों के निरीक्षण के नाम पर जनता को धोखा दे रही हैं। वह अपनी नैतिक जिम्मेदारी का पालन नहीं कर रही हैं। पार्षदों ने कहा कि निगम स्टोर में तैनात 190 कर्मचारी अधिकारियों के घरों में काम कर रहे हैं। इन मुद्दों पर सदन में निर्णय होने के बाद भी बजट पर चर्चा होने दी जाएगी। बैठक में पार्षद रमेश मिश्रा, अतहर रजा लाडले, अकीलुर्रहमान, अश्वनी पांडेय, विजय पुर्सवानी, मकसूद आलम, अहमद अली, इरशाद अहमद सिद्दकी, राजू निषाद, अभय यादव, विनय मिश्रा, राजू शुक्ला आदि शामिल थे।