इलाहाबाद। वे ग्रामीण, जो अप्रवासीय भारतीय (एनआरआई) बन चुके हैं, उनमें भी मतदान के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ी है। इलाहाबाद में पहली बार किसी ग्रामीण क्षेत्र से अप्रवासीय भारतीयों ने मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। अभी तक सिर्फ तहसील सदर में ही एनआरआई मतदाता थे लेकिन अब बारा तहसील में भी छह एनआईआई मतदाता हो जाएंगे। रविवार को सभी तहसीलों में आयोजित मतदाता पंजीकरण केंद्र में आयोजित शिविर में कुल 3200 फॉर्म आए। इस दौरान मौके पर ही त्रुटिपूर्ण वोटर आईकार्ड में संशोधन भी किया जाना था लेकिन सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी होने और सर्वर डाउन होने के कारण संशोधन सहित कई काम नहीं हो सके।
रविवार को सभी तहसीलों में मतदाता पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान मतदाताओं ने फॉर्म नंबर-छह, सात एवं आठ भरकर जमा किए। फॉर्म-छह मतदाता पंजीकरण के लिए, फॉर्म-सात वोटर लिस्ट से नाम काटने के लिए फॉर्म-आठ संशोधन के लिए भरा जाता है। सबसे ज्यादा फॉर्म संशोधन के लिए भरे गए। वोटर लिस्ट में किसी का नाम गलत है तो किसी की फोटो गलत छप गई है। ऐसे संशोधन के लिए भी आवेदन किए गए, जहां महिला की जगह पुरुष या पुरुष की जगह महिला की फोटो छप गई है। सभी तहसीलों में कुल 3200 फॉर्म जमा कराए गए और इनमें सबसे ज्यादा 352 फॉर्म तहसील बारा में जमा किए गए। बारा में ही छह लोगों ने फॉर्म नंबर-6(ए) भरा, जो एनआरआई मतदाताओं के लिए होता है। अब तक शहरी क्षेत्र में ही एनआरआई मतदाता थे लेकिन बारा में छह फॉर्म जमा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र से भी अब एनआरआई वोटर होंगे। पंजीकरण शिविर के दौरान वोटर आईकार्ड की त्रुटियों को भी दूर किया जाना था। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया गया लेकिन रविवार को विभिन्न तहसीलों में वोटर आईकार्ड में संशोधन के लोग पहुंचे तो सॉफ्टवेयर ने काम करना बंद कर दिया। ऐसे में मतदाताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राम नेवास का कहना कि सॉफ्टवेयर लखनऊ से बनकर आया है। उसमें मामूली गड़बड़ी है, जो सोमवार को ठीक करा ली जाएगी।