इलाहाबाद। ठेके पर सफाई मजदूरों को रखने में धन उगाही का मामला सामने आने के बाद महापौर के सचिव को हटा दिया गया है। महापौर ने जानकारी होने के बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए सचिव को हटाने के लिए नगर आयुक्त को पत्र लिखा था। नगर आयुक्त ने सचिव को अधिष्ठान विभाग से संबंध कर दिया है।
नाले-नालियों की सफाई के लिए पिछले दिनों नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने ठेके पर सफाई मजदूर रखे। इन मजदूरों को एनजीओ के माध्यम से रखा गया। आरोप लगा कि महापौर अभिलाषा गुप्ता के सचिव बंशी लाल ने अपने रिश्तेदार के एनजीओ के माध्यम से सफाई मजदूरों की भर्ती कराई। शुक्रवार को मधवापुर में निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद दिनेश गुप्ता को तीन सफाई मजदूर एक स्थान पर बैठे मिले। पार्षद ने उनसे काम न करने का कारण पूछा तो बताया कि उन लोगों ने दो-दो हजार रुपये दिए हैं। सफाई मजदूरों ने सचिव का नाम लेकर यह भी कहा कि उनसे काम करने के लिए मना किया गया है। पार्षद ने इसकी जानकारी महापौर को दी।
महापौर ने मामले की जानकारी के लिए सचिव को बुलाया लेकिन वह नहीं आया। इसके बाद उन्होंने सचिव बंशीलाल को अपने कार्यालय से हटाने के लिए नगर आयुक्त आर विक्रम सिंह को लिखा। नगर आयुक्त ने मंगलवार को सचिव को महापौर कार्यालय से हटाकर अधिष्ठान विभाग से संबंध कर दिया।