इलाहाबाद। पाकिस्तान के लाहौर स्थित कोट लखपत जेल में बंद भारतीय नागरिक सरबजीत पर हमले और कई दिनों तक जिंदगी मौत से जूझने के बाद हुई मौत से पूरे देश में फैले आक्रोश का असर कुंभनगरी में भी दिखा। सरबजीत की मौत से आक्रोशित कई संगठनों ने जहां धरना प्रदर्शन कर पाकिस्तानी ध्वज और सरकार का पुतला फूंका, वहीं श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन कर सरबजीत को याद किया। कई संगठनों ने प्रकरण को अंतरराष्ट्रीय स्तर उठाने के साथ ही प्रकरण को सुलझाने में विफल रही केंद्र सरकार को भी जमकर कोसा।
विहिप काशी प्रांत के अखिल भारतीय सामाजिक समरसता अभियान के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं ने सरबजीत की मौत को लेकर जुलूस निकाला और सुभाष चौराहे पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और पाकिस्तान सरकार का पुतला फूंका। इस मौके पर आयोजित शोकसभा में वक्ताआें ने कहा कि केंद्र सरकार को इस प्रकरण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि प्रकरण को सुलझाने में विफल रही केंद्र सरकार को भी जमकर कोसा। शोकसभा में प्रांत मंत्री पवन बंसल, उपाध्यक्ष आशीष वर्मा, अमित, आलोक पांडेय समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
दूसरी ओर भाजपा की ओर से आजाद स्क्वायर पर कैंडिल मार्च निकाला गया। कैंडल मार्च में शामिल पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं ने इसे केंद्र सरकार की विफलता बताया। वक्ताआें ने कहा कि यह कितना दुखद है कि पाकिस्तान जैसा छोटा देश शक्तिशाली भारत को आंखें तरेर रहा है और केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। कार्यक्रम के दौरान दो मिनट का मौन रखा गया। कैँडल मार्च में रितेश मिश्रा, राघवेंद्र मिश्रा, प्रद्युम्न जायसवाल, डॉ. रमा सिंह, गीता वर्र्मा, निर्मला शुक्ला समेत सैकड़ों लोग शामिल थे। सामाजिक एकता परिषद के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं ने सरबजीत की मौत को बेहद दुखद बताते हुए बैंक रोड तिराहे पर कैंडल मार्च निकाला। मार्च के दौरान कार्यकर्ता ‘दुनिया ने धिक्कारा है पाकिस्तान हत्यारा है’ जैसे नारे लगा रहे थे। कैंडल मार्च में संस्था प्रमुख ओम प्रकाश शुक्ल, रवींद्र सिंह चौहान, अजीत सिंह, अरुण कुमार यादव समेत तमाम लोग शामिल थे।
दूसरी ओर नगर निगम पार्षद किरन जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित शोकसभा में सरबजीत को श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने सरबजीत को शहीद घोषित करने की मांग के साथ ही केंद्र सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया। वक्ताओं ने कहा कि सरबजीत को छुड़वाने के लिए केंद्र सरकार ने कोई इच्छा शक्ति नहीं दिखायी।
सिख संगत के पदाधिकारियों की बैठक में सरबजीत को श्रद्धांजलि दी र्गई। वक्ताओं ने सरबजीत की मौत के लिए पाकिस्तान सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार मानते हुए भारत सरकार को हस्तक्षेप करने की मांग की। शोकसभा में प्रेमजीत सिंह गुजराल, सचिव हरदीप सिंह भाटिया, गुरदयाल सिंह, मलकियत सिंह समेत कई लोग उपस्थित थे। श्री भट्ट ब्राह्मण सभा ने सरबजीत की मौत पर गहरा आक्रोश जताते हुए पाकिस्तानी राष्ट्रपति, सरकार का पुतला फूंकने के साथ ही पाकिस्तानी राष्ट्रीय ध्वज को भी आग के हवाले किया गया। पुतला फूंकने वालोें में संस्था अध्यक्ष एके राय, हरेंद्र भट्ट, अनुराग, विनीता, बबली, आशा भट्ट, सीता, दीप्ति, महेश समेत संस्था से जुड़े तमाम लोग उपस्थित थे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य अनिल शास्त्री सरबजीत मौत प्रकरण को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए मौत की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। शास्त्री का कहना है कि केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर चुप नही बैठना चाहिए। शास्त्री का यह भी कहना है कि सरबजीत की हत्या पाकिस्तान की सरकार के इशारे पर की गई।