इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के डायमंड जुबली हॉस्टल में दो दिन से पानी आपूर्ति ठप रहने से नाराज छात्रों ने मंगलवार को जमकर हंगामा किया। पाइप में तीन कबूतर फंस गए थे। इससे आपूर्ति तो बाधित हुई ही, छात्रों में बीमारी की आशंका भी बन गई है। पानी आपूर्ति में गड़बड़ी से नाराज छात्रों ने चक्काजाम किया और अधीक्षक को घंटों बंधक बनाए रखा। देर शाम तक पाइप लाइन ठीक कर ली गई थी लेकिन छात्रों की मांग पर टंकी की सफाई का काम देर रात तक चलता रहा। सफाई के दौरान रात में भी पाइप लाइन से कई कबूतर मिले। पाइप लाइन में मरे हुए पक्षियों के मिलने से छात्र भयभीत हैं। तब तक टैंकर से पानी की आपूर्ति की गई।
आपूर्ति सोमवार सुबह से ही बाधित हो गई थी। छात्र लगातार शिकायत करते रहे लेकिन हॉस्टल में कोई नहीं पहुंचा। काफी शोर-शराबा के बाद देर रात इंजीनियर पहुंचे लेकिन गड़बड़ी नहीं ढूढ़ी जा सकी। ऐसे में छात्र दिन रात बिना पानी के रह गए। कई छात्रों की मंगलवार को सुबह परीक्षा थी। ऐसे में उनकी परेशानी और बढ़ गई थी। हालांकि सुबह इंजीनियर टीम के साथ पहुंच गए थे लेकिन तब तक छात्रों का धैर्य जवाब दे चुका था तथा उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। छात्रों ने चक्काजाम भी कर दिया। बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर ही बैठ गए। इससे आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा। मौके पर पहुंचे जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अफसरों ने किसी तरह से जाम तो छुड़ा लिया लेकिन छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। इतने बखेड़ा के बाद भी डीएसडब्ल्यू समेत कोई भी अफसर हॉस्टल नहीं पहुंचा। इससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई। लगातार फोन के बाद पहुंचे अधीक्षक डॉ.राजीव गिरि को छात्रों ने बंधक बना लिया। अधीक्षक को घंटों वे वहीं बैठाए रखे।
दिन में एक बार फिर स्थिति बिगड़ती दिखी। पाइप लाइन खोली गई तो उसमें तीन मरे हुए कबूतर मिले। इससे छात्र दहशत में आ गए। उनका कहना था कि कबूतर कई दिनों से उसी में पड़े हो सकते हैं और वे अब तक वही पानी पी रहे थे। हॉस्टल में एक को पीलिया है तो कई छात्रों की तबीयत भी खराब है। ऐसे में पानी में कबूतर मिलने से उनकी नाराजगी और बढ़ गई। छात्र टंकी की सफाई के साथ आरओ लगाने की भी मांग कर रहे थे। इसके बाद टंकी की सफाई शुरू कर दी गई। देर रात तक इंजीनियर और कर्मचारी वहां डटे हुए थे।
विवादों के चलते हॉस्टल कार्यालय कई महीने से नहीं खुला है। इसकी वजह से वहां छात्रों को छोटी-छोटी जरूरत के लिए भी काफी भटकना पड़ता है। इसको लेकर भी छात्रों में काफी नाराजगी रही।