इलाहाबाद। चलती ट्रेन में छेड़खानी की एक और शर्मनाक घटना। पीएसी के एक सिपाही ने बुधवार सुबह वीआईपी ट्रेन प्रयागराज एक्सप्रेस में सीट पर सो रही महिला से अश्लील हरकत की। इतना ही नहीं, इस सिपाही ने विरोध करने पर महिला और उसके पति समेत सामने की सीट पर मौजूद साध्वी को भी गालियां और मार डालने की धमकी दी। उसके दो साथी भी उन्हें धमकाने लगे। इस पर बोगी में हंगामा मच गया। पता चला तो जीआरपी एस्कॉर्ट के सिपाही और टीटी आ गए। सिपाही को दबोचकर पीट दिया गया। ट्रेन इलाहाबाद जंक्शन पर पहुंची तो उसे जीआरपी थाने की पुलिस के हवाले किया गया।
दिल्ली से इलाहाबाद आ रही प्रयागराज एक्सप्रेस सुबह करीब छह बजे फतेहपुर स्टेशन पर रुकी तो उसमें सादे कपड़े पहने पीएसी का सिपाही रामाशीष प्रसाद एस-3 बोगी में चढ़ा। वह एक सीट पर सो रही महिला के पैरों के पास बैठ गया। कुछ देर बाद उसने महिला से छेड़खानी शुरू कर दी। उसके पैरों पर अपने हाथ रख दिए। महिला ने पैर चादर से ढके तो वह चादर हटाने लगा। उसने दो-तीन बार ऐसा ही किया तो महिला ने उसे टोका और सीट से हटने को कहा। सामने की सीट पर अरैल स्थित बैकुंठ धाम मुक्ति द्वार की साध्वी सदगुरु त्रिकाल भवंता लेटी थीं। उन्होंने भी इस हरकत के लिए सिपाही को फटकारा तो वह उन्हें अपशब्द कहने लगा। उनके बीच झड़प हो गई। उसने खुद को यूपी पुलिस का सिपाही बताकर जान से मारने की धमकी दी तो मामला और गरमा गया। पीड़ित महिला के पति ने ऊपर वाली सीट से उतरकर सिपाही को खरी-खोटी सुनाई तो वह उससे मारपीट करने लगा।
इस बारे में खबर मिली तो जीआरपी एस्कॉर्ट के सिपाही और टीटी आ गए। जीआरपी के दस्ते ने सिपाही को पकड़ लिया। उसने पहचान पत्र दिखाकर खुद को सिपाही बताते हुए जीआरपी दस्ते को भी धमकाया। इस पर पुलिसवालों और यात्रियों ने उसकी पिटाई कर दी गई। सिपाही के दो साथियों ने आकर प्रतिरोध की कोशिश की मगर यात्रियों का गुस्सा देख उन्हें किनारे होना पड़ा। ट्रेन जंक्शन पर पहुंची तो पीड़ित महिला, उसके पति और साध्वी त्रिकाल सहित पकडे़ गए सिपाही को जीआरपी थाने ले जाया गया। पीड़ित महिला के साथ ही साध्वी त्रिकाल भवंता ने भी जीआरपी को अर्जी दी। महिला ने कहा कि उसे रिश्तेदार की तेरहवीं में शामिल होने के लिए जौनपुर में अपने घर जाने की जल्दी है। इसलिए वह कुछ देर में पति संग चली गई। पुलिस ने साध्वी की तहरीर पर सिपाही रामाशीष के खिलाफ धारा 354, 504, 506 के तहत रिपोर्ट लिखी। दोपहर बाद उसे जेल भेज दिया गया।
ट्रेन में महिला से अश्लीलता और जान से मारने की धमकी देने वाले सिपाही की करतूत से शर्मिंदा होने की बजाय जीआरपी थाने के पुलिसकर्मी उसे बचाने की कोशिश करते दिखे। पीड़ित महिला पति संग चली गई तो उसका साथ देने वाली साध्वी त्रिकाल भवंता से पुलिसवाले कहने लगे कि जिसके साथ हुआ, वो गई तो आप भी चली जाओ। आखिर आप क्यों परेशान हैं रिपोर्ट लिखाने के लिए? मगर साध्वी ने दो टूक कह दिया कि ऐसी आपराधिक कारगुजारी करने वाले सिपाही पर एफआईआर लिखाए बिना वह नहीं जाएंगी। पुलिसवाले उन पर थाने से जाने का दबाव बनाते रहे तो उन्होंने सांसद शैलेंद्र कुमार समेत एक और वरिष्ठ सपा नेता से फोन पर रेलवे पुलिस के रवैये की शिकायत की। नेताओं के हस्तक्षेप पर करीब साढ़े दस बजे जीआरपी इंस्पेक्टर वशिष्ठ यादव थाने आए। उनके आदेश पर दोपहर 12 बजे के बाद केस लिखा गया। साध्वी को एक बजे एफआईआर की कॉपी दी गई। ट्रेन में सिपाही द्वारा महिला से अश्लील हरकत की गंभीर और शर्मनाक घटना में जीआरपी ने रिपोर्ट लिखने में पांच घंटे लगा दिए।
ट्रेनों में छेड़खानी पर अंकुश लगाने की तमाम कोशिशों के बावजूद ऐसी घटनाएं थम नहीं रही हैं। इलाहाबाद जीआरपी इलाके में ही पिछले कुछ समय में ऐसी तीन घटनाएं हो चुकी हैं। तीन माह पहले पटना से हैदराबाद जा रही ट्रेन में फैशन इंस्टीटयूट की एक छात्रा से छेड़खानी में चार छात्र गिरफ्तार हुए थे। पिछले माह भी पटना से गुजरात जा रही ट्रेन में मेडिकल छात्रा से 52 साल के कारोबारी ने ऐसी ही हरकत की। उसे भी जीआरपी ने जेल भेजा था। और अब वीआईपी ट्रेन प्रयागराज में सिपाही ने महिला यात्री की इज्जत पर हाथ डाला है।