इलाहबाद। प्रतापगढ़ कांड की जांच कर रही सीबीआई की एक टीम ने गुरुवार को इलाहाबाद से ग्राम प्रधान नन्हें के बेटे योगेंद्र उर्फ बबलू को हिरासत में ले लिया। बबलू के साथ उसके चाचा सुधीर को भी हिरासत में लिया गया। सीबीआई के हाथ में आए चाचा-भतीजे मौके के चश्मदीद गवाह हैं और बबलू पर सीओ जियाउल हक और अन्य पुलिसकर्मियों पर गोलियां चलाने का आरोप है। बबलू, सुधीर और फूलचंद पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में सीओ की हत्या के आरोपी हैं। बबलू की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई ने शांतिपुरम (फाफामऊ), सलोरी और ममफोर्डगंज में ताबड़तोड़ छापेमारी की। सीबीआई टीम बबलू की गिरफ्तारी के लिए फूलचंद को साथ लेकर इलाहाबाद पहुंची थी। बबलू के तीन दोस्तों से भी लंबी पूछताछ की गई है। बबलू और फूलचंद से कुंडा के नगर पंचायत कार्यालय में पूछताछ की जा रही है। दोनों अहम आरोपियों से पूछताछ में सीबीआई को काफी जानकारी मिली है।
बलीपुर के प्रधान नन्हें, उसके भाई सुरेश यादव और सीओ कुंडा रहे जियाउल हक की हत्या के बाद चार मुकदमे दर्ज हुए थे। इसी में एक मुकदमा एसओ हथिगवां रहे मनोज शुक्ला ने दर्ज कराया था। पुलिस द्वारा दर्ज इस एफआईआर में प्रधान के दो भाई सुधीर, फूलचंद उसका बेटा बबलू और परिवार के अन्य सदस्य नामजद हैं। प्रथम दृष्टया जांच के बाद पुलिस का तर्क था कि बबलू और परिवार के अन्य सदस्यों ने पुलिस पर हमला किया और सीओ की हत्या कर दी। सीओ की पिस्टल और मोबाइल को लूटने का शक भी प्रधान के बेटे बबलू पर था। जांच को पहुंची सीबीआई भी बबलू को सरगर्मी से तलाश रही थी। बबलू इंटर करने के बाद इलाहाबाद के शांतिपुरम इलाके में रहकर बीए और मर्चेंट नेवी की कोचिंग कर रहा था। लोकेशन ट्रेस करने के बाद गुरुवार को सीबीआई की टीमों ने इलाहाबाद के कई इलाकों में छापामारी की। ममफोर्डगंज और सलोरी में तीन छात्रों से पूछताछ के बाद सीबीआई को बबलू के बारे में सुराग मिल गया। इसके बाद शांतिपुरम इलाके से सीबीआई ने छापा मारा तो वहां बबलू मिल गया। फूलचंद को सीबीआई बुधवार से ही साथ लेकर पूछताछ कर रही है।
हालांकि, अभी सीओ की पिस्टल बरामद नहीं हो सकी है लेकिन सीबीआई के अफसरों का कहना है कि इन दोनों से पूछताछ के बाद शस्त्र की बरामदगी जल्दी ही हो सकती है।
इसके अलावा सीओ के कातिल तक पहुंचने के लिए सीबीआई ने अब बलीपुर गांव के सभी लाइसेंसी असलहों को अपने कब्जे में लेने का फैसला किया है। इसके अलावा उन लोगों के लाइसेंसी शस्त्रों की भी जांच होगी, जो घटना के समय मौके पर पहुंचे थे। सीबीआई की यह कवायद इसलिए है ताकि वह सीओ की जान लेने वाले शस्त्र को चिह्नित कर सके।
बुधवार को सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाए नन्हे के भाई फूलचंद का रिवाल्वर कब्जे में ले लिया था। इससे पहले सीबीआई ने प्रधान नन्हें व उसके भाई सुरेश की रायफल और बंदूक भी कब्जे में कर ली थी। अब सीबीआई गांव में मौजूद सभी लाइसेंसी असलहे कब्जे में लेकर उनकी फोरेंसिक, बैलेस्टिक विशेषज्ञों से जांच कराने की प्रक्रिया पूरी करेगी।
इसके अलावा सीबीआई उन लोगों को चिह्नित कर रही है जो नन्हें और सुरेश के नजदीकी हैं और जिन्हें सूचना देकर घटनास्थल पर बुलाया गया था। सीबीआई उन लोगों से पूछताछ करेगी जो मौके पर अपना लाइसेंसी शस्त्र लेकर गए थे। सीबीआई ऐसे सभी शस्त्रों की विशेषज्ञों से जांच भी कराएगी।