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महिलाओं को सुरक्षा नहीं, आजादी की जरूरत

Sat, 09 Mar 2013 05:30 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद। ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के मौके विभिन्न महिला संगठनों, सामाजिक संस्थाओं की ओर से कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर महिला संगठनों की ओर से कैंडल मार्च निकालने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कई संगठनों की ओर से रक्तदान शिविर लगाए गए। कार्यक्रमों के दौरान वक्ताओं ने महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों पर गहरी चिंता जताते हुए महिला संरक्षण कानूनों को और अधिक मजबूत बनाने और जस्टिस वर्मा समिति की रिपोर्ट को लागू करने पर जोर दिया।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी राजशेखर ने कहा कि देश में सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए महिलाओं को शिक्षा, समानता और सम्मान देने की जरूरत है। कार्यक्रम में डाक्यूमेंट्री के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि महिलाओं के बिना विश्व की कल्पना करना बेमानी है। कार्यक्रम में सीएमओ डा. पदमाकर सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारी उपस्थित थे।
गर्ल्स हाईस्कूल एंड कालेज में महिला दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर कालेज प्रधानाचार्या डा. विनीता इसूवियस ने कहा कि देश में तेजी से हो रही विकास में महिलाओं की भूमिका उल्लेखनीय है। महिला उत्थान के बिना देश की कल्पना बेेमानी है। वक्ताओं ने बालश्रम पर गहरी चिंता जताते हुए मांग उठायी कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिससे बालिकाओं को उचित शिक्षा मिल सके। इस दौरान पोस्टर प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।
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केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा काव्यपाठ भी हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अभियंता रमेश कुमार, वित्त सलाहकार गीतिका पांडेय समेत कई अधिकारीगण उपस्थित थे। संचालन राजभाषा अधिकारी सुनीता यादव ने किया। एनसीआर मेंस यूनियन की ओर से भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि गौरी सक्सेना मुख्य वाणिज्य प्रबंधक और विशिष्ट अतिथि प्रमिला सिंह वरिष्ठ मंडल कार्मिक प्रभारी रहीं। अध्यक्षता रितु मसीह और संचालन विरागनी श्रीवास्तव ने किया।
आइसा की ओर से सेमिनार आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता रामजी राय ने कहा कि सरकार जस्टिस वर्मा समिति की सिफारिशों को नकारने के लिए अध्यादेश लेकर आई है। वक्ताओं ने कहा, महिलाओं को सुरक्षा नहीं, आजादी देने की जरूरत है। सेमिनार में डा. प्रण कृष्ण, सीमा आजाद, दीप्ति मिश्रा, साक्षी सिंह समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
हीरोमोटोकार्प की ओर से भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर कुकिंग और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मेयर अभिलाषा गुप्ता, मैनेजर अनुराग मिश्रा, विशाल समेत कई गणमान्य उपस्थित थे।
इसके अलावा महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर, इनरव्हील क्लब इलाहाबाद नार्थ, प्रगतिशील महिला संगठन, संस्कार कालेज आफ मैनेजमेंट, वामा परिषद, सामाजिक संस्था हेल्पमेट, भारतीय लेखा और लेखापरीक्षा विभाग, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन, गार्गी महिला वेलफेयर सोसाइटी, शहरी गरीब संघर्ष मोर्चा, समेत कई संगठनों की ओर से कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
सामाजिक संस्था अर्बन हेल्थ इनीसिएटिव की ओर से जनसंख्या वृद्धि रोकने में रोल माडल बने मलिन बस्तियों के छह दंपतियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में सुरेश-कुसुम, रवि-प्रज्ञा, रजित-दीपिका, शशांक-संगीता, हसीन-शाहीन, गोविंद-रंजना शामिल थे।
अखिल भारतीय चित्रांश यूथ ब्रिगेड की ओर से संरक्षिका कल्पना श्रीवास्तव, संयोजिका इरफाना सिन्हा, की अगुवाई में महिलाओं ने कैंडल मार्च किया। इस दौरान महासचिव चंद्रबाला श्रीवास्तव, ब्यूटी श्रीवास्तव, अनीता, सुनीता समेत कई महिलाएं उपस्थित रहीं।
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