इलाहाबाद। यातायात की बढ़ती समस्या से निजात दिलाने के लिए रिंग रोड की जरूरत अरसे से महसूस की जा रही है। महाकुंभ में यातायात को लेकर जिस तरह की समस्या खड़ी हुई, उसे देखते हुए भी रिंग रोड की आवश्यकता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि अगले अर्द्धकुंभ और कुंभ में भीड़ इससे काफी अधिक होगी और कोई नया इंतजाम न किया गया तो परेशानी हो सकती है। यूपी के ज्यादातर बड़े शहरों में रिंग रोड या तो बन चुकी है या मंजूर हो चुकी है। इलाहाबाद में कोखराज से हंडिया बाईपास बनने के बाद आधी रिंग रोड तैयार है। जरूरत हंडिया को यमुनापार और यमुनापार को कौशांबी से जोड़ने की है। रिंग रोड का प्रस्ताव प्रदेश की पिछली सरकार में ही तैयार हो गया था। लोगों को इंतजार है कि केंद्र सरकार आम बजट में रिंग रोड के लिए रकम स्वीकृत करे और संगमनगरी के साथ आसपास के जिलों के लोगों को आने जाने में परेशानी न हो।
पांच वर्ष सेे तैयार है नक्शा
इलाहाबाद विकास प्राधिकरण से जुड़े सहयुक्त नियोजन विभाग ने रिंग रोड का प्रस्ताव तकरीबन पांच वर्ष पहले ही तैयार कर लिया था। करीब 40 किलोमीटर लंबी रिंग रोड में गंगा एवं यमुना पर तीन पुलों के साथ आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर सड़कों के ऊपर ओवर ब्रिज की योजना तैयार की गई। नक्शे में रिंग रोड की शुरूआत तेलियरगंज में एमएनएनआईटी चौराहा से की गई है। यहां से शुरू होकर रिंग रोड कैंट और नयापुरवा होकर गंगा के किनारे-किनारे बमरौली से आगे निकलेगी। इसके लिए नयापुरवा से बमरौली तक गंगा किनारे तकरीबन आठ किलोमीटर लंबा बांध बनाना होगा। बमरौली से कानपुर रोड को ओवर ब्रिज से क्रास करती हुई रिंग रोड झलवा में खेलगांव के पीछे से होकर नैनी में एग्रीकल्चर संस्थान के पास स्थित बक्शी सोगड़ा गांव में निकलेगी। इसके लिए यमुना नदी पर पुल प्रस्तावित है।
नैनी, झूंसी की बदल जाएगी तस्वीर
नैनी में औद्योगिक नगर से रिंग रोड ओमेक्स सिटी, अरैल होकर छतनाग में निकलेगी। इसके लिए अरैल से छतनाग के बीच में गंगा नदी पर तकरीबन चार किलोमीटर लंबा पुल प्रस्तावित है। यहां से झूंसी अंदावा होकर रिंग रोड आगे इलाहाबाद-वाराणसी फोर लेन में मिल जाएगी। इसके लिए झूंसी में भी ओवर ब्रिज प्रस्तावित किया गया है। रिंग रोड बनने से नैनी और झूंसी की भी तस्वीर बदल जाएगी। अफसरों का कहना है कि रिंग रोड का प्रस्ताव इस तरह से तैयार किया गया है कि शहर से निकलने वाली सभी सड़कें इसमें जाकर मिल जाएंगी।
45 मीटर चौड़ी होगी रिंग रोड
रिंग रोड की चौड़ाई 45 मीटर प्रस्तावित की गई है। इसके दोनों तरफ 120-120 फीट की दूरी तक ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। इसके बनने से शहरियों को भारी वाहनों से राहत मिल जाएगी। दुर्घटनाएं भी कम होंगी। अफसरों के मुताबिक रिंग रोड के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने हरी झंडी काफी पहले दे दी है लेकिन रकम अब तक नहीं मिली है। रकम मिलने के बाद ही जमीन के अधिग्रहण का काम शुरू होगा और लोक निर्माण विभाग रिंग रोड का काम प्रारंभ कर सकेगा।