बच्चों के आईक्यू लेवल को समझने तथा उसे विकसित करने के मकसद से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर ब्हैविरल एंड कांग्निटिव साइंस में एक अनोखी पहल की गई है। इसके तहत रविवार को प्रतियोगिता की गई।
क्षेत्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों के ग्यारहवीं के 30 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इसमें लिखित परीक्षा, मौखिक टेस्ट आदि माध्यमों से उनके मानसिक स्तर को परखा गया। इनमें तीन विजेता विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
राष्ट्रीय स्तर पर चयनित छात्र-छात्राएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में भाग लेंगे। इस प्रतियोगिता का मकसद छात्र-छात्राओं का मानसिक विकास करना है। इसे मस्तिष्क की संवेदनाओं को समझने के क्षेत्र में हो रहे शोध के रूप में भी देखा जा रहा है। सेंटर हेड प्रोफेसर नारायण श्रीनिवासन ने बताया कि बच्चों के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की जाएंगी। इसका कार्यरूप तैयार कर लिया गया है। जल्द ही इस पर अमल होगा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं परिसर में सांसदों की तरह एक-दूसरे से उलझते तथा बात-बात पर वाकआउट करने की धमकी देते दिखें तो आश्चर्य की जरूरत नहीं है। यह मॉक यूथ पार्लियामेंट की तैयारी का हिस्सा है। युवाओं को राजनीति के प्रति प्रेरित तथा इसकी समझ विकसित करने के मकसद से ‘नेशनल यूथ पार्लियामेंट कंप्टीशन’ आयोजित किया जाता है। इस बार इसमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं भी शामिल होंगे।
विश्वविद्यालय को बी ग्रुप में रखा गया है। पंजीकरण के लिए छात्र-छात्राएं भूगोल विभाग के प्रोफेसर एआर सिद्दीकी से चार फरवरी तक संपर्क कर सकते हैं।